कौमी एकता की मिसाल है अलीपुर का जैन तीर्थ : हार्दिक हुंडीया

की लाइन टाइम्स न्यूज़

मुम्बई आईजा के राष्ट्रीय स्थापक अध्यक्ष हार्दिक हुंडिया और प्रथम महिला श्रीमती सुनीता हुंडिया, आईजा के राष्ट्रीय महामंत्री महावीर श्रीश्रीमाल, सूरत से अल्पेश शाह, सुरेश बोहरा, हितेश शाह, अजीत मोदी, तेजस जैन, सिद्धार्थ बोहरा, विवेक चौधरी, अभिषेक श्रीश्रीमाल, अनु श्रीश्रीमाल सहित बड़ी संख्या में अलीपुर के अग्रणी और आईजा के महानुभावो ने गुजरात और महाराष्ट्र के हृदय समान अलीपुर गांव में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया।

मुस्लिम बहुमति वाले इस गांव में श्री गोडीजी पार्श्वनाथ दादा का भव्य देरासर है कई सालों से इस देरासर में जैन परिवार यहां आकर प्रभु भक्ति करते हैं। कौमी एकता की मिसाल माने जाने वाले अलीपुर जैन तीर्थ प्रसिद्ध है।

ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय स्थापक अध्यक्ष हार्दिक भाई हुंडिया के नेतृत्व में गुजरात और महाराष्ट्र के पदाधिकारियों ने अलीपुर में गोडी पार्श्वनाथ दादा की छत्रछाया में “आईजा अनुमोदनीय रत्न” सम्मान समारोह का आयोजन किया।

सुबह आईजा की तरफ से स्नात्र पूजा का आयोजन किया गया था। आईजा के सदस्यों ने भगवान की पूजा की और उसके बाद भक्ति संगीत और गीतों के कार्यक्रम से पूरा समारोह भक्ति के लहर में झूम उठा।

आईजा के स्थापक अध्यक्ष हार्दिक भाई हुंडिया और सुनीता भाभी के नेतृत्व में “आईजा अनुमोदनीय रत्न ” सम्मान की उस घड़ी में नजारा देखते ही बन रहा था। दादा के मंदिर के पुजारी, भोजनशाला में कई सालों से काम करने वाली बहनों, अलीपुर तीर्थ के ट्रस्टी और अलीपुर तीर्थ के लिए हमेशा तत्पर रहने वाले हिंदू और मुस्लिम भाइयों और बहनों का भी आईजा की ओर से तिलक, पुष्पगुच्छ, माला, श्रीफल, शाल और अनुमोदनीय रत्न सम्मान से सभी का सम्मान किया गया।

भक्ति संगीत के बाद आयोजित सत्कार समारोह में अलीपुर तीर्थ के सरपंच, उपसरपंच एवं मुस्लिम अग्रणी मौजूद थे।

आईजा के स्थापक अध्यक्ष हार्दिक भाई हुंडिया ने पधारे हुए महानुभाव को संबोधित करते हुए कहा की यह तीर्थ एकता की मिसाल है मुस्लिम परिवार के बीच गोडीजी पार्श्वनाथ दादा का यह भव्य देरासर है जहां कई सालों से जैन परिवार यहां आकर भगवान की भक्ति करते हैं। इस कार्यक्रम में मुस्लिम समाज के अग्रणी सलीम भाई ने हार्दिक भाई हुंडिया को संबोधित करते हुए कहा की आज इस कार्यक्रम में आकर बहुत ही खुशी हो रही है आपको 1992 की उस घटना के बारे में बताते हुए कहता हूॅ कि उस समय कोमी लड़ाई से पूरा वातावरण तंग हो गया था देरासर के आसपास पुलिस बंदोबस्त रखा गया था। सलीम भाई इस बात को बताते हुए भावुक हो गए उनकी आंखों में पानी आ गया वे बोल पड़े कि उस समय यहां पर पूजा भक्ति करने वाले तमाम जैन परिवारों को हमने यह आश्वासन दिया कि आप निर्भीक होकर पूजा भक्ति कीजिए। और उन्होंने अपनी जिम्मेदारी पर पुलिस को देरासर के पास से हटा दिया। उनकी यह बात सुनकर सभी की आंखों में एक सदभावना के आंसू आ गए थे।

सही में धन्य धरती माता और परम कृपालु पार्श्वनाथ दादा के अनमोल आशीर्वाद से अलीपुर की पावन धरती पर जो कोमी एकता का नजारा देखने को मिलता है उस पल को देख कर सभी अभिभूत हो गए। प्रारंभ से पूर्णता तक बड़ा ही सुंदर आयोजन आइजा द्वारा पूर्ण हुआ। आईजा के राष्ट्रीय महामंत्री महावीर श्रीश्रीमाल और उनके पूरे परिवार की भूरी भूरी अनुमोदना जिन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में भारी जहमत उठाई थी।

Share this news:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *