जैन धर्म में बढ़ते शिथिलाचार को ख़त्म करने आइजा तैयार है -हार्दिक हुंड़िया

देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और परिवहन मंत्री नितिन गड़करी के मिले आशीर्वाद|

Nirmal jain/key line times news

मुंबई मे एक साथ देश के कई राज्यों के चारों संप्रदाय के श्वेतांबर, दिगंबर, स्थानक वासी और तेरापंथी पत्रकार मुंबई करीब पालघर जिले के विरार के पास आगाशी तीर्थ में ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एशोसिएशन के प्रथम राष्ट्रीय आईजा सम्मेलन में दादा मुनिसुव्रत स्वामी दादा के दरबार में, परम पूज्य आचार्य देव श्रीमद् विजय यशोवर्म सूरिश्वरजी महाराज के जिन्हें आशीर्वाद मिले है।ऐसे ये आईजा सम्मेलन में भाग लेने जैन जर्नलिस्ट आ रहे है।
आइजा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हुँड़िया ने कहा है की आईजा जैन धर्म मे एक क्रांति लायेगा।धर्म में बढ़ता शिथिलाचार और धर्म को धंधा बनाने की कोशिश करने वाले अब सावधान हो जाओ। धर्म को धर्म की तरह करके अपनी आत्मा का कल्याण करे, जो साधु साधु वेश के नियम ले के नियम ना पाले ऐसे साधुओं को पहले समझाओ की आपने अपनी आत्मा के कल्याण के लिये दीक्षा ली है आप अपना भव सुधारो और हमारा भी और न माने तो उनको संसार का रास्ता दिखा दो।
जैन धर्म तप, त्याग,शांति और अहिंसा जैसे कई अनमोल नियमो को दिखाने वाला धर्म है। हार्दिक हुँड़िया ने बताया की देश भर के जैन संघो जागे और हमारे धर्म में जहाँ भी कमियाँ है वो दूर करे और पंचमहाव्रत धारी की जिन्होंने भगवान का साधु वेश पहना है उनके मार्गदर्शन में ही जैन धर्म के अनुस्ठानो को आगे बढ़ाए। भारत सरकार के रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने कहा है की मुझे ये जानकर हार्दिक प्रसन्ता हुई है। ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासम्मेलन को हार्दिक बधाई देता हुं और सफल आयोजन की कामना करता हु। भारत सरकार के परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने कहा है कि ये बहुत हर्ष का विषय है कि ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय संस्थापक अध्यक्ष श्री हार्दिक हुंड़िया जी के नेतृत्व में राष्ट्रीय महा सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। नितिन गड़करी ने अपने शुभ संदेश में कहा की जैन धर्म का भारत में नहीं बल्कि विश्व में भी एक बहुत उच्च और महत्वपूर्ण स्थान है।अहिंसा परमो धर्म के मूलमंत्र पर आधारित इस धर्म के अनुआईयो ने वर्षों से धार्मिक, सामाजिक, राष्ट्रीय और शैक्षणिक क्षेत्र में महत्व पूर्ण योगदान देकर देश और मानवसेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है। नितिन गड़करी ने अपने शुभ संदेश में कहा है कि मैं कार्यक्रम की अपार सफलता के लिये हार्दिक शुभकांमनाए देता हु एवं आईजा क़लमकार रत्न अवार्ड से सम्मानित होने वाले सभी को हार्दिक बधाई देता हुं।
हार्दिक हुंडीया ने कहा है की जो साधु अपनी गुरु की आज्ञा में नहीं है वो किसी के नहीं हो सकते, जो साधु संघ की या गुरु की बात नहीं मानते ऐसे साधु के ख़िलाफ़ कड़ी से कड़ी कार्यवाही करने ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट असोसिएशन के अध्यक्ष हार्दिक हुंडीया और आईजा के राजकीय कमिटी के राष्ट्रीय चेरमेन निर्मल जैन के नेतृत्व में जल्दी ही दिल्ली में भारत सरकार के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिलेगा और धर्म में फेला दुराचार कैसे दूर करे और सरकार ज़्यादा से ज़्यादा शिथिलाचार दूर करने की कार्यवाही करे।धर्म में चलती बुराईओ को बाहर लाने वाले पत्रकारों के ख़िलाफ़ ग़लत कार्यवाही करने वाले पुलिस को ससपेंड करे और जो ये कार्यवाही में मदद करे वो पुलिस के साथ साथ जो भी हमें मदद करे उनका सम्मान करे।२१ ओर २२ आईजा सम्मेलन में जैन धर्म को मानने वाले समाज के कई अग्रणी शामिल होने जा रहे है।

Share this news:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *