बालिकाओं मे शिक्षा के साथ संस्कार की महत्ती आवश्यकता -डा ध्यानाराम वेदांताचार्य

राजपुरोहित बालिका प्ररेणा संस्कार शिविर सम्पन

ओमप्रकाश राजपुरोहित मेघलासियां ( संवाददाता की लाईन आगोलाई )
जोधपुर- श्री ब्रह्मा जी की एव राजपुरोहित विकास न्यास आसोतरा ट्रस्ट की ओर आयोजित राजपुरोहित समाज की बालिका ओ के लिए एक दिवसीय बालिका प्ररेणा संस्कार शिविरो का आयोजन राजपुरोहित समाज बाहुल्य जिलों मे किया गया । डा ध्यानाराम वेदांताचार्य महाराज ने बताया की ब्रह्म धाम आसोतरा के गादीपति ब्रह्मर्षि ब्रह्मचारी सन्त तुलछारामजी कि सद प्ररेणा से सन्त श्री संस्थान एव अखिल विश्व राजपुरोहित खेतेश्वर युवा सघ के तत्वावधान में संस्कार शिविरो का आयोजन किया गया जिसमे नारी शिक्षा, सयुक्त परिवार प्रथा को बढावा देने आदर्श दिनचर्या, परिवार में जिम्मेदारियां केसे निभाया जाये , वर्तमान समय में टूटते परिवारो को केसे बचाया जा सके ओर स्वस्थ समाज के सृजन में नारी की क्या भूमिका हो सकती हैं आदि विषय पर विशेष उद्बोधन दिया गया । साथ ही नारी शिक्षा के साथ संस्कारों की महत्ती आवश्यकता पर जोर दिया गया ।

राजपुरोहित समाज समय समय पर ज्वलंत मुद्दों पर समाज को प्रेरित करता रहा है हाल ही समाज ने नशा मुक्ति व दहेज़ मुक्त का आव्हान किया ओर सम्पुर्ण समाज मे पुर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया ।
समाज के डा लालसिह जावला ने बताया कि राजस्थान के प्रमुख जिलों मे शिविर आयोजित किये गये जिसमे नागोर जिले के मेडता मे 22 गावो से 316 , नारवा खीवसर मे 6 गावो से 425,चुरु जिले मे सरदार शहर में 20 गावों से 621,हनुमानगढ जिले में 16 गावों से 82, बीकानेर जिले में गंगा शहर मे 6 गावों से 360, किसनासर मे 3 गावों से 255, जोधपुर जिले में फलोदी मे 18 गावों से 615, बडली मे 87गावों से 490, जैसलमेर जिले में जैसलमेर शहर मे 4 गावों से 95 ,शिव मे 12 गावों से 305 ,बाड़मेर जिले में बाड़मेर शहर मे 18 गावों से 350 , आसोतरा तीर्थ मे 36 गावों से 521, जालोर जिले में सायला मे 19 गावों से 769 , बिजरोल खेडा मे 6 गावों से 525 , गुजरात के बनास काडा जिले में लाखणी मे 37 गावों से 272, डीसा मे 8 गावों से 201 , सिरोही जिले में कालन्द्री मे 70 गावों से 1014 , आदि गावों से बालिकाओं ने भाग लिया जिसमे तुलछारामजी महाराज के आध्यात्मिक सानिध्य व डा ध्यानाराम वेदांताचार्य महाराज के मार्गदर्शन मे किया बालिका संस्कार प्रेरणा शिविर आयोजित किये गये । समाज के भोपालसिह गोविन्दला ने बताया कि इस प्रकार के शिविर समय समय पर आयोजित जाते है जिससे नवीन विचारों का सृजन कर एक संस्कारवान समाज का मार्ग प्रशस्त किया जा सके ।

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