परमवीर मेजर शैतानसिंह के बलिदान दिवस पर मायड़ भाषा राजस्थानी के कवि व्याख्याता मदनसिंह राठौड़ सोलंकिया तला ने काव्यात्मक श्रद्धांजलि अर्पित की

Nirmal jain@balesar

भारत चीन युद्ध 1962 के दरमियान 13 कुमायू रेजिमेंट के मेजर शैतानसिंह आज ही के दिन 18 नवंबर 1962 को ‘रेजांगला’ पोस्ट चुशूल पर मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहीद हो गये।उनकी अप्रतिम वीरता एवं अदम्य साहस के कारण उनको सर्वोच्च वीरता पुरस्कार “परमवीर चक्र”(मरणोपरांत) से नवाजा गया।

जोधपुर जिले के इस पराक्रमी वीर पर राजस्थान ही नहीं अपितु पूरे भारत वर्ष को गर्व है।प्रतिवर्ष उनके बलिदान दिवस पर जनमानस अपने श्रद्धासुमन अर्पित कर गौरवान्वित होता है।तभी तो कवि वाणी मुखरित हो उठती है।

परमवीर मेजर शैतानसिंह के बलिदान दिवस पर मायड़ भाषा राजस्थानी के कवि व्याख्याता मदनसिंह राठौड़ सोलंकिया तला ने काव्यात्मक श्रद्धांजलि अर्पित की

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