शहादत से प्रेरणा लेकर राष्ट्र विकास में भागीदार बने- राठौड़

Nirmal jain@balesar —————————————————

शहीद प्रभूसिंह का तीसरा बलिदान दिवस मनाया

राष्ट्र के गौरव के ख़ातिर अपने प्राणों की आहूति देने वाले अमर शहीद प्रभूसिंह राठौड़ की शहादत से देशप्रेम की प्रेरणा लेकर राष्ट्र के विकास में भागीदार बने।- ये विचार शुक्रवार को खिरजा खास में प्रभूसिंह के शहीद स्मारक पर उनके तीसरे शहादत दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में राजस्थानी भाषा के कवि साहित्यकार मदनसिंह राठौड़ सोलंकिया तला ने प्रकट किये।
राठौड़ ने बताया कि राजस्थान से देश की रक्षा के लिए सर्वाधिक सपूत कुर्बान करने वाली शेरगढ की धरा शौर्य की सरजमी है। कश्मीर के माछिल सेक्टर में 13 राजपूताना राइफ़ल्स के जाँबाज प्रभूसिंह आज ही के दिन 22 नवंबर 2016 को शहीद हो गये थे। दीप प्रज्वलन के बाद शहीद स्मारक पर अतिथियों ने पुष्पचक्र अर्पित किये।

“रन फोर शहादत” का आगाज”

गगनप्रतापसिंह के निर्देशन में युवाओं के लिए “रन फोर शहादत” का आयोजन किया गया। शहीद के पिता चंद्रसिंह, खिरजाखास के सरपंच मोहनसिंह गोगादेव, मदनसिंह राठौड़ सहित अतिथियों ने हरी झंडी दिखाकर दौड़ का शुभारंभ किया।जिसमें जोधपुर, जैसलमेर सहित मारवाड़ के सैकड़ों प्रतिभागियों ने भाग लिया।देवीकोट जैसलमेर के गंभीरसिंह राठौड़ ने प्रथमस्थान प्राप्त किया।विविध विद्यालयों की विजेता टीमों में वीर दुर्गादास स्कूल सेतरावा ने प्रथम स्थान,लाल विद्या मंदिर बालेसर ने द्वितीय स्थान एवं आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय सोलंकिया तला ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। विजेता प्रतिभागियों को पारितोषिक वितरण किये गये।

“प्रभूपच्चीसी” से दी काव्यांजलि”

शहीदों की शौर्यगाथा “शेरगढ के सूरमा” पुस्तक के लेखक मदनसिंह राठौड़ ने अमर शहीद के तीसरे बलिदान दिवस पर शहीद स्मारक पर अपनी स्वरचित रचना “प्रभू पच्चीसी” का काव्यपाठ किया।मंच का संचालन नाथूसिंह ईंदा खिरजा ने किया।

एक शाम- शहीद के नाम-

शहीद स्मारक पर आज शाम को “एक शाम शहीद के नाम ” भजन संध्या का आयोजन होगा।जिसमें विविध कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे

गौरतलब है कि शहीद स्मारक पर गत 19 नवंबर से विविध खेल प्रतियोगिताओं का शुभारंभ हुआ था।जिसमें वॉलिवाल की 34 एवं कबड्डी की 24 टीमों ने भाग लिया।
शहीद की दोनों पुत्रिया पलक और गीता पूरे कार्यक्रम में मौजूद रही।समारोह में कैप्टन जबरसिंह राठौड़, शहीद के पिता चंद्रसिंह गोगादेव,सरपंच मोहनसिंह खिरजा, पूर्व सैनिक किशनसिंह, गगनप्रतापसिंह, कंवराजसिंह गोगादेव, नाथूसिंह ईंदा, महेंद्रसिंह भाटी, वीर दुर्गादास स्कूल के महावीर सिंह सहित कई अतिथि मौजूद थे।

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