ग्राम पंचायत खिंदाखोर के पूर्व सरपंच का लगभग 60 लाख का महा घोटाला

मालाराम जाणी की रिपोर्ट

ओसियां के ग्राम पंचायत खिदाखोर के पूर्व सरपंच के 5 साल के बाद घोटालों का सच सामने आया वर्तमान सरपंच ने विकास अधिकारी मुख्य कार्यकारी अधिकारी व जिला कलेक्टर को शिकायत कर पूर्व सरपंच के 5 साल में ग्राम पंचायत में किए गए विकास कार्यों की जांच करवाने की मांग की है इस संपूर्ण घोटाले का खुलासा सामाजिक अंकेक्षण के दौरान हुआ है अनेक जगह विकास कार्य नहीं किए गए और स्वीकृत राशि उठा ली गई है ।

इन जगहों पर किसी प्रकार का विकास कार्य नहीं किया गया और भुगतान ले लिया गया

बस स्टैंड खिदाखोर पर सार्वजनिक शौचालय निर्माण के लिए ₹100000 लिए गई राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय खिंदाखोर में पानी की टंकी निर्माण हेतु ₹186000 लिए गए प्राथमिक विद्यालय हानियां में रसोईघर निर्माण हेतु ₹90000 राजकीय प्राथमिक विद्यालय रणजीत सिंह की ढाणी में रसोई निर्माण हेतु ₹90000 खिदाखोर ग्राम स्कूल में 10kl जीएलआर में खेली निर्माण की वित्तीय स्वीकृति 15 दिसंबर 2011 को मिली ₹81600 का बजट मिला लेकिन संबंधित फर्म को 21 जुलाई 2011 को 64000 का भुगतान कर दिया गया था इसमें 5 माह पहले भुगतान लिया गया मेड़तिया बिश्नोईयों की ढाणी 10kl जीएलआर हेतु 7 जून 2013 को वित्तीय स्वीकृति मिली और 1 जून 2012 को 1 साल पहले स्वीकृत राशि ₹88,600 थी जबकि 65000 का भुगतान 1 साल पहले किया गया, गुरुओं की ढाणी 10kl जीएलआर में खेली निर्माण वित्तीय स्वीकृति 7 जुलाई 2013 को मिली जबकि 1 साल पूर्व भुगतान कर दिया गया ।

खिन्दाकौर पीएचईडी नलकूप से अचलानन्द जी की ढाणीयो तक पाइप लाइन कार्य पर दोहरा भुगतान उठाया गया ।

हाणींया खिलेरियो की ढाणी नलकूप से गायणो की ढाणी तक पाइप लाइन कार्य पर भी दो बार भुगतान उठाया गया ।

मगरानगर नलकूप से जैतूग भाटियो की ढाणी तक पाइप लाइन कार्य पर भी स्वीकृत एवं मूल्याकंन राशि से अधिक भुगतान पूर्व सरपंच भींयाराम द्वारा उठा लिया गया ।

पूर्व सरपंच भींयाराम द्वारा मैसर्स नागेश्वर कन्सट्रक्शन कम्पनी जोधपुर को 155000 रूपये का भुगतान धरोहर राशि जमा करवाये बिना किया गया । जबकि फर्म द्वारा कोई धरोहर राशि ग्राम पंचायत में जमा नही करवाई गई ।

ग्राम पंचायत खिन्दाकौर में पांच साल तक मैसर्स नागेश्वर कन्सट्रक्शन कम्पनी का ठेका रहा । इस फर्म द्वारा पांच साल तक करोडो रुपये का भुगतान ३स फर्म के मार्फत किया गया जबकि इस फर्म द्वारा भी लाखो रूपये की कर चोरी की गई । इस फर्म द्वारा फर्जी बिलों से टैक्स चोरी की गई ।इनके अलावा दान सिंह वैभव सिंह की ढाणी में जीएलआर पुनाराम मेघवाल बिश्नोईयों की ढाणियों में जीएलआर मगरालो की ढाणियों में जीएलआर का भुगतान पहले किया गया था वर्तमान सरपंच का कहना है कि इन जगहों पर किसी प्रकार का विकास कार्य नहीं किया गया है।

Share this news:

Leave a Reply

Your email address will not be published.