चाँदनी चौक बम काण्ड के नायक थे वीरवर जोरावर- तोलेसर

पोपावास में बालसभा में स्वातन्त्र्य समर पर संगोष्ठी

अमर यादव@बालेसर।राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पोपावास में हुए सामुदायिक बालसभा में विभिन्न कार्यक्रम आयोेजित किए गए ।
प्रधानाचार्य श्री अशोक की अध्यक्षता में आयोेजित *स्वातन्त्र्य समर में बारहठ त्रिमूर्ति की आहूति* विषयक संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए नारायणसिंह तोलेसर ने सन् 1600 से 1912 तक की क्रांतिकारी घटनाओं का सांगोपांग वर्णन करते हुए बारहठ त्रिमूर्ति के अप्रतिम बलिदान और शौर्य को रेखांकित किया ।
सर्व प्रथम प्रिंसीपल श्री अशोक ने भारतीय संविधान में बाबा साहब अम्बेडकर के योगदान को याद करते हुए महात्मा गाँधी ,नेहरू व सरदार पटेल सहित सभी स्वतंत्रता सैनानियों को श्रद्धासुमन अर्पित किए ।
नारायणसिंह तोलेसर ने पोपावास पीईईओ क्षेत्र की विभिन्न स्कूलों की एस एम सी व एस डी एम सी सदस्यों त़था शिक्षकों का ध्यान 1912 की दिल्ली के चाँदनी चौक बम काण्ड की कालजयी घटना की और खींचते हुए बताया कि इतिहासविदों को इसमें और शोध करने की आवश्यकता है ।
ब्रितानी भारत की राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानान्तरित होने के उपलक्ष्य में तात्कालीन वॉयसरॉय लॉर्ड हार्डिंञ्ज ने दिल्ली में शाही दरबार करके भव्य जूलूस निकालने का निर्णय लिया ।
महाविप्लवी रासबिहारी बोस ने इस मौके पर एक ऐसा धमाका करने का निर्णय लिया जिससे पूरी दुनिया में ब्रितानी हुकुमत की चूलें हिल जाए और अंग्रेजों की अजेयता का भ्रम भी टूट जाए ।
निर्णय हो गया कि यह धमाका करना है ।
23 दिसम्बर 1912 को पुरानी दिल्ली के चाँदनी चौक में लॉर्ड हार्डिंञ्ज के शाही लवाजमें पर बम का धमाका करने का यह कमाल किया शाहपुरा के ठाकुर केसरीसिंह बारहठ के छोटे भाई वीरवर ठाकुर जोरावरसिंह बारहठ ने ।
बाद में वे सत्ताईस सालों तक मध्यप्रदेश के जंगलों में भटकते रहे पर अंग्रेजों के हाथ नहीं लगे ।
कुँवर प्रतापसिंह बारहठ मई 1918 में जोधपुर के आसारानाडा रेल्वे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिए गए और बरेली ( उ प्र ) की जेल में शहीद हो गए । स्वाधीनता संग्राम में एक ही परिवार के सभी सदस्यों की शहादत का उदाहरण गुरु गोविंदसिंह के अलावा क्रांतिकारी बारहठ त्रिमूर्ति ने ही प्रस्तुत किया ।
वक्ताओं ने विद्यालय के समग्र विकास में समुदाय की सक्रिय सहभागिता पर भी अपने विचार साझा किए ।
अंत में व्याख्याता पदमसिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया और नववर्ष में साम्प्रदायिक सौहार्द , सद्भाव , स्वच्छता और सुशासन के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया ।

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