कानपुर का थाना हरबंस मोहाल बना दलालों का अड्डा… दिलशाद अहमद

*न्याय के लियें पत्रकार कर रहा इंतजार थाना हरबंस मोहाल हुआ कानपुर नगर*
*ब्यूरो चीफ दिलशाद अहम क्राइम रिपोर्टर मोहम्मद उमर*
इन दिनो कानपुर का हरबंस मोहाल थाना चर्चा में है सुगबुगाहट के बीच सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार हरबंस मोहाल थाना होटल दलालों और हिस्ट्रशीटरो की मदद के लियें तत्पर है। यहां आने वाले आम फरियादी के मामले को या तो दबाया जाता है या लेनेदेनें की व्यवस्था के तहत आम इंसान को समझौते के नुस्खे बताये जाते है या समझौता ना करनें की स्थिति में आम फरियादी पर फर्जी मुक़दमा लिखकर आम फरयादी को डराया जाता है जिससे हरबंस मोहाल क्षेत्र के हौसले बुलंद है।

ऎसा ही एक मामला गत 3मार्च को एक छायाकार अरूण कश्यप के साथ हुआ क्षेत्रीय बदमाशों ने अरूण को खुन्नस के चलते पहले तो अगवा किया फिर बुरी तरह सरियों और डंडों से पीटा इसी दौरान उसका कैमरा 600रूपये नकद और एक 16जीबी की पेन ड्राइव गायब हों गया। छायाकार अरूण कश्यप ने किसी तरह बदमाशों के चंगुल से भाग कर जान बचाई और तत्काल हरबंस मोहाल थाने पहुंचा और अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी साथ ही तहरीर दी ताज्जुब की बात य़े है के जो तहरीर दी गई उसे बदल दिया गया और थाने ने अपने मनमुताबिक तेहरीर बनवाई और दोषियों के ऊपर हल्की धराओं में मुक़दमा पंजीकृत किया अरूण की तेहरीर के चंद घंटों बाद पुलिस ने बदमाशों के साथ षड्यंत्र के तहत अरूण पर भी बगैर जांच किये मुक़दमा कायम कर दिया अगवा करनें वाले बदमाशों में से एक लाखन ने अपनी पत्नी का सहारा लेते हुऐ अरूण पर पत्नी से छेड़खानी का झूठा आरोप लगाकर छेड़खानी की एक धारा लगवा दी । यहां सोचने वाली बात यह है के जो महिला अपने साथ छेड़खानी का आरोप लगा रही है उसका कहना है के अरूण उसे गत 4माह से छेड़ रहा था तो 4महीनों में उसने किसी भी थाने में शिकायत क्यों नही की?

हरबंस मोहाल थाने की विवेचक आकांक्षा गुप्ता को अरूण को अगवा करने के वीडियो फुटेज और महिला का फर्जी छेड़खानी करनें के कबूलनामे का स्टिंग सौंप दिया गया पर ना जाने क्यों आकांक्षा गुप्ता ने अभीतक बदमाशों की गिरफ्तारी नही की जब इसकी शिकायत अरूण कश्यप ने थानाध्यक्ष हरबंस मोहाल से की तो उन्होंने भी न्याय दिलाने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया अब अरूण कश्यप अपनी जान बचाने के लियें कलक्टर सी.ओ.से लेकर उच्चाधिकारीयों के कार्यालयों के चक्कर काट रहा है पर इस अंधेर नगरी के हरबंस मोहाल थाने में कोई उचित कार्यवाही नही की जा रही ऎसे में एक आम इंसान अरूण हर पल अपनी जान को बदमाशों और पुलिस दोनो से बचाने की कवायत में दर दर की ठोकरें खा रहा है साथ ही यह भी कह रहा है के यदि हरबंस मोहाल थाने ने उसके साथ न्याय ना किया तो थाने के अन्दर ही आत्मदाह करूंगा।

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