माँ एक शब्द मात्र नहीं…..माँ के आँचल तले ममता के सागर में रोज दुआओं का असर दिखता हैं……

ANIL KUMAR SONI / COORDINATOR BIHAR

माँ के त्याग और ममता की गहराई को मापना संभव नहीं है। और ना ही उनके एहसानों को चुका पाना। लेकिन उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता को प्रकट करना हमारा कर्तव्य हैं।
हर मां अपने बच्चों के प्रति जीवन भर समर्पित होती है।
माँ और बच्चे का रिश्ता इतना प्रगाढ़ और प्रेम से भरा होता है कि बच्चे को जरा सी तकलीफ होने पर मां बेचैन हो उठती हैं।

माँ एक शब्द मात्र नहीं……
माँ के आँचल तले ममता के सागर में रोज दुआओं का असर दिखता है…

हमेशा फ्रिक करने वाली, ध्यान रखने वाली और निस्वार्थ प्यार करने वाली एक मां ही होती है। जिसके बगैर हम सब अधूरे हैं।

माँ के कर्ज को चूका पाना किसी के बुते कि बात नहीं हैं।
शायद इसलिए इनकी तुलना भगवान से की जाती है। निश्वार्थ अगर कोई आपसे प्रेम करता हैं तो वो हैं माँ..

माँ को लफ्जों में बयान करना नामुमकिन है मेरे लिए उनसे बड़ा न तो कोई तीर्थ है और न ही कोई धर्म। वह मुझे पूरे ब्रह्माण्ड में ईश्वर की बनाई सबसे खूबसूरत रचना लगती हैं।
उनका दिल प्रेम का सागर है जहाँ सुख का ऐसा सैलाब है, जिसमें तैरकर हमने दुनिया की हर मुश्किलों में भी जीत हासिल की है।
उनके आंचल की छाँव में आज भी मैं नन्हा बच्चा बन जाता हूं। ऐसा लगता हैं मानो दुनिया-जहान के सुख मेरे कदमों में बिछे हुए है।

Happy Mother’s Day!

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