बिहार में 12 मई से स्पेशल ट्रेनों से लोगों की होंगी घर वापसी 15 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का होगा परिचालन। (Corona Lockdown)

रेल मंत्री पीयूष गोयल का सभी राज्यों से अपील, प्रवासी श्रमिकों के लिए चलाई जाने वाली विशेष रेलगाड़ियों के संचालन की दें अनुमति।

ANIL KUMAR SONI / COORDINATOR BIHAR

पटना : कोरोना वायरस को लेकर देशभर में लॉकडाउन के बीच बिहार में प्रवासियों कामगार की घर वापसी का दौर जारी है। पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि आज 18 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से देश के अलग-अलग राज्यों से प्रवासियों को लेकर पहुंच रही है। ये ट्रेनें बिहार के अलग-अलग स्टेशनों पर पहुंचेगी, जहां यात्रियों के उतरने के बाद प्लेटफॉर्म पर ही सभी लोगों की स्क्रीनिंग कराई जाएगी। इसके बाद ही उन्हें स्टेशन से बाहर बसों तक जाने की इजाजत दी जाएगी।

लॉकडाउन की वजह से पिछले दिनों अन्य राज्यों में फंसे श्रमिकों के लिए रेलवे ने सोमवार को नया आदेश जारी किया है। रेलवे के नए ऑर्डर के अनुसार, अब श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में 1200 यात्रियों के बजाए, कुल 1700 श्रमिक यात्रा कर सकेंगे। वहीं, ट्रेन तीन स्टेशनों पर भी रुकेगी।
इससे पहले केंद्र सरकार ने सभी राज्यों से अपील की कि फंसे हुए श्रमिकों के लिए और विशेष रेलगाड़ियों के संचालन को अनुमति दें ताकि वे अगले चार दिनों के अंदर अपने घर पहुंच सकें। प्रवासी मजदूर कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन के दौरान खतरा मोलकर और कठिनाइयां सहकर यात्रा कर रहे हैं।
रेलवे ने कहा कि एक मई से इसने अभी तक 366 ऐसी श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों का संचालन किया है और करीब चार लाख प्रवासियों को उनके घर तक पहुंचाया है। केंद्र द्वारा अपने घरों तक पहुंचने के लिए फंसे श्रमिकों की खातिर विशेष रेलगाड़ियां चलाने की अनुमति देने के बावजूद उनमें से कई निजी वाहनों के मार्फत अनधिकारिक रूप से यात्रा कर रहे हैं या इस गर्मी में सैकड़ों किलोमीटर पैदल चल रहे हैं।


गोयल ने रविवार को ट्वीट किया, ‘माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के निर्देशों के मुताबिक रेलवे बेहद कम समय के नोटिस पर प्रतिदिन 300 श्रमिक विशेष रेलगाड़ियां चलाने के लिए बीते छह दिनों से तैयार है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं सभी राज्यों से अपील करता हूं कि अपने फंसे श्रमिकों को निकालने और वापस लाने की अनुमति दें ताकि अगले तीन-चार दिनों में हम उन सभी को वापस घर पहुंचा सकें।

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