देश सेवा का मिलेगा सुनहरा मौका, तीन साल के लिए आर्मी ज्वाइन कर सकेंगे आम नागरिक।

अर्धसैनिक बलों के जवानों को भी कुछ वक्त सेना में रहने का मिल सकता है मौका। टूर ऑफ ड्यूटी के प्रस्ताव पर विचार कर रही सरकार।

ANIL KUMAR SONI / COORDINATOR BIHAR

सेना में शामिल होकर देश की सेवा करने की चाहत रखने वालेआम नागरिकोंके लिए खुशखबरी है। जल्द ही भारतीय सेनानागरिकों को तीन साल के लिए सेना में शामिल होने का मौका दे सकती है। न्यूज एजेंसी एएनआई ने सेना के सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी। इसके लिए सेना ‘टूर ऑफ ड्यूटी’के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। अगर सबकुछ सही रहा तो जल्द ही इसका ऐलान किया जा सकता है। प्रस्ताव के तहत टूर ऑफ ड्यूटी के तहत चयनित होने वाले उम्मीदवार को तीन साल तक सेना में सर्विस करनी होगी। प्रस्ताव के बारे में अधिक जानकारी आना अभी बाकी है।


दूसरी तरफ, सेना अब अर्धसैनिक बलों यानी पैरामिलिट्री के जवानों को भी कुछ वक्त अपने साथ काम करने का अवसर देेने पर विचार कर रही है।
टैलेंटेड युवाओं को आकर्षित करने का प्लान
एएनआई के मुताबिक, सेना के प्रवक्ता ने इस प्रस्ताव की पुष्टि की है। इस योजना के तहत सेना देश के प्रतिभाशाली युवाओं को आकर्षित करना चाहती है। इस योजना के जरिए वे युवा भी सेना में शामिल हो सकेंगे, जो किसी कारण पहले ज्वाइन नहीं कर पाए थे। भारतीय सेना में अभी अच्छे अधिकारियों की काफी कमी है। सेना इस योजना के तहत इस कमी को पूरा करना चाहती है।

भारतीय सेना एक प्रपोजल लाने पर विचार कर रही है, जिसके तहत कोई भी भारतीय नागरिक ‘टूर ऑफ ड्यूटी’ के तहत 3 वर्ष की अवधि के लिए लॉजिस्टिक्स और फ्रंट-लाइन प्रशिक्षण के क्षेत्र में 3 वर्ष की अवधि के लिए भारतीय सेना ज्वाइन कर सकते हैं। इस गेम चेंजिंग प्रपोजल के तहत किसी व्यक्ति को भारतीय सेना के जीवन शैली को जानने का मौका देगा जो उनके आत्मविश्वास, जिम्मेदारी की भावना, धैर्य, एकाग्रता, सामाजिक कौशल आदि को बढ़ाएगा।

यह वैसे युवा पीढ़ी के लिए एक वालंटियर प्रपोजल है, जो सेना में अपना करियर तो नहीं बनाना चाहते परन्तु मिलिटरी पर्सनल के जीवन शैली का अनुभव लेना चाहते हैं।

लगभग 100 अधिकारियों और 1000 पुरुषों को ट्रायल के आधार पर भर्ती किया जाएगा. यदि परियोजना सफल होगी, तो रिक्तियों की संख्या बढ़ाई जाएगी. यह प्रस्ताव सशस्त्र बलों में स्थायी सेवा की अवधारणा से अलग तीन वर्षों के लिए ‘इंटर्नशिप’ की अवधारणा है।

वर्तमान में, भारतीय सेना उम्मीदवारों को 10 वर्ष के शुरुआती कार्यकाल के लिए शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत नियुक्त करती है, जो 14 साल तक बढ़ाई जा सकती है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण, वेतन और भत्ते आदि सहित परियोजना को लागू करने की लागत लगभग 80-85 लाख रुपये की होगी. जिसमें 10 साल तक काम करने वाले अधिकारी के लिए 5.12 करोड़ रुपये और 14 साल बाद जारी रहने पर 6.83 करोड़ रुपये है।

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