सभी जैन साधु साध्वियों से विनम्र निवेदन विनंती है कि आप श्री जहाँ विराजमान है कृपाकर वही स्थिरता बनाये रखें…सुरेंद्र मुनोत

सुरेंद्र मुनोत, राज्य मुख्य संवाददाता, पश्चिम बंगाल, key line times

॥ जैनं जयति शासनम ॥
🙏🏻 विनम्र निवेदन 🙏🏻
सभी जैन गुरु भगवंतो के चरणो में वंदन नमन।
सकल जैन समाज को सादर जय जिनेंद्र।

सागर जिले के बंडा गांव में मंगलवार को जैन मुनि श्री अपने शिष्य मंडल के साथ विहार करते हुए पहुंचे थे। महाराज श्री के स्वागत के लिए जनसैलाब उमड़ आया। इस दौरान लॉकडाउन का खुला उल्लंघन तो हुआ ही, लोग सोशल डिस्टेंसिंग को भी पूरी तरह भूल गए। पुलिस व प्रशासन ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और केस रजिस्टर किया है।

इस घटना से कल पुरे देश के इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट मीडिया ने जैन समाज एवं जैन मुनि द्वारा विहार की निंदा करते हुए कानूनी कारवाही की मांग की है। आघात होता है जब जैन समाज और विशेष हमारे पूजनीय जैन मुनि का नाम मीडिया में ऐसे कारण के लिए आता है, संप्रदाय कोई भी हो देश में जैन समाज का नाम उठा है। आज पुरे भारत में हमारे करीब १५००० हज़ार साधु, साध्वी किसी न किसी स्थल पर लॉकडाउन के कारण सूखे समाधे विराजमान है, साधु मर्यादा के साथ राष्ट्र धर्म निभा रहे और प्रशासन द्वारा ज़ारी अनुशासन की पालना कर रहे है। साथ में स्वयं, अपने संत मंडल के साथ सुरक्षित एक स्थल में रहते हुए सभी धार्मिक कार्यक्रमों को विराम देकर अपनी साधना स्वाध्याय ध्यान में संलग्न है एवं श्रदालु के दर्शन लाभ पदार्पण पर भी अंकुश है, कारण कुछ भी हो, सभी जैन साधु साध्वियों से विनम्र निवेदन विनंती है कि आप श्री जहाँ विराजमान है कृपाकर वही स्थिरता बनाये रखें। चातुर्मास ४ जुलाई से प्रारंभ होगा और अगर आप अपने पूर्व घोषित चातुर्मास स्थल से १०० km से ज़्यादा दूरी पर हो, कृपया शीघ्र चातुर्मास स्थल का विकल्प ढुंढ लीजिये और वैकल्पिक चातुर्मास स्थल की घोषणा कर दे। कोरोना वायरस के रहते हुए अनेक जैन संघ और समस्त जैन समाज हमारे गुरु भगवन्तो के स्वास्थ्य और विहार को लेकर किसी भी प्रकार का रिस्क लेना नहीं चाहता। आपके अनुकूलता एवं सेवा में पूरा जैन समाज आगवानी में है। लॉक डाउन लगते ही अनेक जैन प्रतिनिधि संघ एवं आचार्य भगवंतो ने चतुर्विध संघ को संदेश दिया है कि लॉकडाउन का पूर्ण पालन करे।

सरकार एवं स्थानीय प्रशासन आने वाले समय में लॉकडाउन 4 में कुछ और रियायतें देने की सम्भावना भी है, लेकिन हमारे धरोहर पूज्य गुरु भगवंत यह न समझे कि यह समय में हम विहार करे! बिलकुल नहीं, कोरोना वायरस अभी भी बाहर घूम रहा है और जैन समाज नहीं चाहेगा हमारे एक भी साधु-साध्वी संक्रमित हो और सरकार के क्वारंटाइन स्थल में जाये। विशेष कोई भी साधु-साध्वी किसी भी श्रावक अथवा संस्था से भ्रमित न हो कि प्रशासन से हम पास लेंगे और विहार करवा देंगे, विहार के समय रास्ते में हमे पता नहीं क्या होगा, स्कूल मंदिर बंद है, आहार एवं अन्य व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह, संक्रमित क्षेत्र कि सम्भावना, ऐसिम्पटोमैटिक व्यक्ति द्वारा संक्रमण होने की सम्भावना हो सकती है इत्यादि।

लॉक डाउन-4 में सरकार द्वारा नए नियम लाए जाएंगे, आत्मनिर्भर रहते हुए हम और अपनों का सुरक्षा कवच के साथ ही ग्रीन एवं ऑरेंज जोन में ही प्रशासन एवं श्री संघ कि अनुमति से सरकार द्वारा जारी निर्देशों को ध्यान में रखते हुए विहार कर सकते है, किसी भी संक्रमित क्षेत्र से विहार न करे। जून में अपने चातुर्मास स्थल के लिए, अधिकतम ८-१० दिन का विहार उसी ज़िले और राज्य में हो। आज के परिस्थितयो में एक राज्य से दुसरे राज्य में प्रवेश के लिए १४ दिनों का क्वारंटाइन में रहना आवश्यक है। जून में यथास्थिति जैसे बनेगी पुन: आपश्री विचार कर सकते। ऐसे कुछ न हो जिससे हमारे जिनशासन के गौरव पर कोई टिक्का टिपण्णी करे। लिखने में अवलेहना हुई तो क्षमा चाहता हूँ।

  • जिनशासन सेवक और आपश्री के प्रति श्रद्धावान।
    सुनील सांखला जैन,
    राष्ट्रीय प्रचार प्रसार मंत्री: श्रावक समिति
    राष्ट्रीय मंत्री: जैन कॉन्फ़्रेन्स
    मो: 9844133988
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