गैंडे की मौत से वाल्मीकि टाईगर वन विभाग में हड़कंप।

आये दिन नेपाल के जंगलों से भटकर इंडिया के जंगलों में चले आतें हैं जानवर जिनमें गेंडे बिशेष।

ANIL KUMAR SONI / COORDINATOR BIHAR

बगहा : Bagaha प. चम्पारण (West Champaran ) वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में एक गैंडे की मौत हो गई है। जिसकी खबर मिलते ही वाल्मीकि टाईगर वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
वाल्मीकि रेंज ऑफिस भेड़ियारी जंगल की हैं ये घटना।

घटना की भनक लगते ही वन विभाग की टीम यह पता लगाने में जुटी हुई है कि आखिर गैंडा की मौत कैसे हुई। घटनास्थल पर पहुँचकर वन विभाग के अधिकारी घटना के हर तरह से जाँच पड़ताल में लगे हुए हैं।

वाल्मीकि टाईगर रिजर्व के डीएफओ (DFO) गौरव झा ने बताया कि वाल्मीकि नगर इलाके में एक गैंडा की मौत की सूचना मिली, जिसके बाद हमारी टीम मौके पर पहुंच गई । और गेंडे के मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी हैं।

ज़ब कि गैंडे कि मौत कैसे हुई इसका कोई समुचित पता नहीं चल पाया है। जो भेड़िहारी जंगल के समीप गन्ना के खेत से गैंडे के शव को वन विभाग ने मृत अवश्था में बरामद किया। और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में जुटें हैं।

नेपाल से जंगल के रास्ते चलकर गेंडे इंडिया में चले आते हैं जिसे नेपाल को वापस दे दिया जाता हैं। इसके पूर्व भी गैंडे को कई मर्तवा सुपुर्द किया गया हैं।

वैसे तो टाइगर रिजर्व में गैंडे नहीं पाए जाते हैं. लेकिन नेपाल से हर साल कई गेंडे रास्ते भटक कर चले आते हैं। जो चमईनिया पुल के आसपास ईर्द-गिर्द घूमते रहते हैं।
ज़ब कि वही कुछ गैंडों की मौत इसके पूर्व ट्रेन के चपेट मे आने से कटकर हो चुकी हैं और आज इस बार गेंडे कि मौत एक जाँच का बिषय बना हुआ हैं। जिसका जाँच वन विभाग कर रहा हैं।

जानवरों में दुर्लभ गेंड के इस मौत पे शिकारियों द्वारा षड्यंत्र के तरफ ध्यान जा रहा हैं जो उनके द्वारा रचे साजिश के तहत शिकारियों का शिकार हुआ गेंड।

Share this news:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *