लालू प्रसाद यादव एक नाम मात्र नही, राजनीती में बुलंदियों को छूने वाले महान राजनेता।

सबसे अलग राजनीती में कृर्ति स्थापित करने वाले बिहार प्रदेश के महान राजनेता लालू प्रसाद यादव के जिवन से जुड़ीं विशेष।

ANIL KUMAR SONI / COORDINATOR BIHAR ✍️

पटना : Patna राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव का आज 72वां जन्मदिन हैं।


लालू के 71वें जन्मदिन पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने 71 पाउंड का केक तैयार करवाया है, जिसे उनके बेटे तेजस्वी प्रसाद यादव और तेजप्रताप यादव ने काटे थे। मगर इस बार ऐसी स्थिति नहीं है।

जब भी लालू यादव का नाम लिया जाता है तो उसकी जो छवि दिमाग में बन कर आती है वो हाजिरजवाब होने के साथ साथ तेज तर्रार होती है। वो एक मसखरे की तरह अपने बोलने के अंदाज से लोगों को हंसाते भी है तो अपनी राजनीतिक कुटनीति से सबको चौंका भी देते हैं।
आलोचनाओं के बावजूद लालू ने कभी भी अपने अंजाद में बदलाव नहीं किया। उनका यहीं अंदाज उनके साथ-साथ बिहारियों की पहचान बन गई। जयप्रकाश नारायण के जेपी आंदोलन से अपने राजनीतिक करियर की शुरूआत करने वाले लालू यादव का जन्म 11 जून 1948 को बिहार के परिवार में हुआ था।


लालू प्रसाद यादव का सत्तू पीते हुए फोटो भी कई बार सामने आए हैं। पर उनका पसंदीदा डिश झींगा मछली है। लालू झींगा मछली खाना भी मीडिया की सुर्खियां बन चुका है। लालू के नाम पर ये कहावत सबसे ज्यादा चर्चाओं में रही है। जब तक रहेगा समोसे में आलू तब तक बिहार में रहेगा लालू।
लालू यादव के अंदाज की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शेखर सुमन, राजू श्रीवास्तव से लेकर कॉमेडियन कपिल शर्मा तक उनके अंदाज की कॉपी करते हैं और लोगों की हंसी बटोरते हैं। यह वो नेता है जो सत्ता से बाहर भले रहा हो लेकिन चर्चा से बाहर कभी नहीं रहा।
साल 2000 में आय से ज्यादा संपत्ति का आरोप लगा। इन आरोपों के बीच जब लालू ने जेल जाते वक्त सत्ता राबड़ी को सौंपी तो भी कई सवाल उठे। लेकिन लालू यादव ने कभी उसकी परवाह नहीं की।
आडवाणी की रथ यात्रा
भाजपा के कद्दावर नेता लालकृष्ण आडवाणी की राम रथ यात्रा ने देश भर में हलचल मचा रखी थी। अमन-चैन बिगड़ रहा था। लेकिन प्रशासन चाहकर भी यात्रा के खिलाफ कोई कदम नहीं उठा पा रहा था। लेकिन 23 अक्टूबर, 1990 को बिहार के समस्तीपुर से गुजर रही रथ यात्रा का पहिया लालू प्रसाद यादव ने रोक दिया था। आडवाणी को गिरफ्तार कर लिया गया और लालू यादव रातों-रात सेक्युलर राजनीति के बड़े नेता बन गए।
घोटाले, अपराध लालू यादव की सरकार का दूसरा नाम बन गए। 1997 में लालू यादव पर चारा घोटाले का आरोप लगा और उन्हें सजा भी हुई।

लालू यादव की मुश्किलें
वहीं दूसरी तरफ देवघर कोषागार से अवैध निकासी मामले में सीबीआइ की ओर से हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर लालू प्रसाद सहित अन्य की सजा को बढ़ाने की मांग की गई है। सीबीआइ की याचिका फिलहाल हाई कोर्ट में लंबित है। अब समय ही बताएगा कि लालू यादव आगे क्या करेंगे।
लालू यादव बिहार के मुख्यमंत्री रहे, देश के रेल मंत्री रहे। फिलहाल वो बिहार की सबसे बड़ी पार्टी रही आरजेडी के नेता हैं। चारा घोटाले में उन्हें सीबीआई की स्पेशल कोर्ट से सजा हुई है। उनकी उम्र 70 पार कर चुकी है और उन्हें अब तक 25 साल से ज्यादा की सजा सुनाई जा चुकी है। सेहत बिगड़ने के कारण इन दिनों उन्हें रांची के एक सरकारी अस्पताल में रखा गया है, जहां वे हफ्ते में सिर्फ तीन लोगों से मिल सकते हैं।
2019 के लोकसभा चुनाव में राजद पूरी तरह साफ हो गई है। कांग्रेस और कई दूसरी पार्टियों के साथ मिलकर बने उनके महागठबंधन को एक भी सीट नहीं मिली। कानून का शिकंजा। बिगड़ती सेहत और घटती सियासी ताकत के साथ लालू अब शायद ही सक्रीय राजनीति में वापसी कर पाएं।

बिहार : Bihar लालू प्रसाद यादव (जन्म: 11 जून 1948) भारत के बिहार राज्य के राजनेता व राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष हैं। वे 1990 से 1997 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे। बाद में उन्हें 2004 से 2009 तक केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार में रेल मन्त्री का कार्यभार सौंपा गया।

जबकि वे 15वीं लोक सभा में सारण (बिहार) से सांसद थे उन्हें बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाला मामले में रांची स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की अदालत ने पांच साल कारावास की सजा सुनाई थी। इस सजा के लिए उन्हें बिरसा मुण्डा केन्द्रीय कारागार रांची में रखा गया था।

एक दौर ऐसा आया जिसमें लालू प्रसाद यादव को एक साथ कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

(1)केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो के विशेष न्यायालय ने अपना फैसला सुरक्षित रखा जबकि उन पर कथित चारा घोटाले में भ्रष्टाचार का गम्भीर आरोप सिद्ध हो चुका था।

(2) 3 अक्टूबर 2013 को न्यायालय ने उन्हें पाँच साल की कैद और पच्चीस लाख रुपये के जुर्माने की सजा दी।

(3) दो महीने तक जेल में रहने के बाद 13 दिसम्बर को लालू प्रसाद को सुप्रीम कोर्ट से बेल मिली।

(4)यादव और जनता दल यूनाइटेड नेता जगदीश शर्मा को घोटाला मामले में दोषी करार दिये जाने के बाद लोक सभा से अयोग्य ठहराया गया।

(5)इसके बाद राँची जेल में सजा भुगत रहे लालू प्रसाद यादव की लोक सभा की सदस्यता समाप्त कर दी गयी। चुनाव के नये नियमों के अनुसार लालू प्रसाद अब 11 साल तक लोक सभा चुनाव नहीं लड़ पायेंगे। लोक सभा के महासचिव ने यादव को सदन की सदस्यता के अयोग्य ठहराये जाने की अधिसूचना जारी कर दी। इस अधिसूचना के बाद संसद की सदस्यता गँवाने वाले लालू प्रसाद यादव भारतीय इतिहास में लोक सभा के पहले सांसदहो गये हैं।

(6)लालू प्रसाद यादव एक हास्य नेता हैं । इनकी लोकप्रियता इनकी भाषण को लेकर भी है। लालू प्रसाद यादव का भाषण देने का अंदाज कुछ अलग ही है।

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