मुख्यमंत्री नीतीश ने कहा- चीनी उत्पादों की खरीदारी न करें ! चीनी मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक !

ANIL KUMAR SONI / COORDINATOR BIHAR ,✍️

PATNA बिहार:भारत-चीन सीमा पर खूनी संघर्ष और वर्तमान स्थिति को लेकर विचार विमर्श के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। इस बैठक में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस संवेदनशील मुद्दे पर अपने विचार रखे। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए डिजिटल बैठक की शुरुआत में उन 20 भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई जो बीते दिनों पूर्वी लद्दाख में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में शहीद हो गए थे।


मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने कहा है कि चीन के उत्पाद की खरीदारी हमलोग नहीं करें। इसके लिए पूर्व में हुए करार पर भी विचार करने की जरूरत है। हमलोगों को स्वदेशी सामान को बढ़ावा देना चाहिए, जो प्रधानमंत्री की प्राथमिकता सूची में भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चीन से जो भी सामान अपने देश में आता है, उसके कारण पर्यावरण को भी संकट हो रहा है। खिलौने, इलेक्ट्रॉनिक सामान भारतीय बाजार में भारी मात्रा में बिक रहे हैं। खिलौनों में प्लास्टिक का बहुत ज्यादा प्रयोग होता है। यह इको फ्रेंडली भी नहीं है, इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच  रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि चीन का उत्पाद टिकाऊ नहीं है। मूल्य कम होने की वजह से लोग इसे खरीद लेते हैं। 

जनता दल यूनाईटेड प्रमुख और बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने सर्वदलीय बैठक में कहा कि राष्ट्रीय मुद्दे पर पार्टियों को किसी भी तरह की कोई असमानता नहीं दिखानी चाहिए, जो दूसरे राष्ट्रों को पता चल सके। भारत को लेकर चीन का रुख ज्ञात है। भारत चीन को सम्मान देना चाहता था। लेकिन चीन ने 1962 में क्या किया सबको पता है।

बैठक की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शहीद जवानों के सम्मान में खड़े होकर कुछ देर मौन रखा। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राकांपा अध्यक्ष शरद पवार, टीआरएस नेता के चंद्रशेखर राव, जद (यू) नेता नीतीश कुमार, द्रमुक के एम के स्टालिन, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के वाईएस जगन मोहन रेड्डी और शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे भी शामिल हुए।
सरकार ने प्रमुख राजनीतिक दलों के अध्यक्षों को बैठक के लिए आमंत्रित किया था। कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों ने सरकार से कहा है कि सीमा पर स्थिति के बारे में उसे पारदर्शी होना चाहिए। विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सरकार की आलोचना भी की है। मोदी ने जोर दिया है कि भारतीय सैनिकों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि हमारे सैनिकों ने कर्तव्य के प्रति अनुकरणीय साहस और वीरता दिखाई और भारतीय सेना की सर्वोच्च परंपराओं को निभाते हुए अपने जीवन का बलिदान किया। 

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