पहाड़ी नदियाँ उफान पर , लगातार बारिशों के वजह से बढ़ा बाढ़ का खतरा : विटीआर में अलर्ट

चंपारण में गंडक ने बढ़ाई बेचैनी पश्चिम चंपारण में गंडक लगातार खतरे की ओर बढ़ रही है।

Anil Kumar Soni / Coordinator Bihar

फाइल : फोटो

BIHARबिहार : नेपाल से निकलनेवाली पहाड़ी नदियों में पानी तेजी से बढ़ रहा है। बाढ़ के खतरों को देखते हुए वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना क्षेत्र के वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट किया गया है। वीटीआर व जिला प्रशासन के अधिकारी लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं। शनिवार को चंपारण के अलावा मुजफ्फरपुर और मिथिलांचल में भी खतरा बढ़ते दिखा।

फाइल : फोटो


मुजफ्फरपुर के बेनीबाद में बागमती खतरे के निशान को पार कर गई। यहां नदी लाल निशान से 19 सेमी ऊपर बह रही है। गायघाट में बागमती ने दर्जन भर गांवों में कटाव तेज कर दिया है।  मुजफ्फरपुर में बूढ़ी गंडक सिकंदरपुर में खतरे के निशान से नीचे बह रही है लेकिन जलस्तर में 22 सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।  सिकंदरपुर में खतरे का निशान 52.53 मीटर पर है, यहां नदी का जलस्तर 46.12 मीटर रिकार्ड किया गया है। गंडक के जलस्तर में 7 सेमी की वृद्धि हुई है। रेवाघाट में गंडक नदी का जलस्तर 53.04 रिकार्ड किया गया है यहां खतरे का निशान 54.41 मीटर पर है। 


दरभंगा के हायाघाट में बागमती खतरे के निशान से नीचे 42.15 मीटर पर बह रही थी। उधर, अधवारा नदी का जलस्तर कमतौल में खतरे के निशान से नीचे 46.86 मीटर एवं एकमी घाट में 43.33 मीटर पर रहा।  कमला नदी का जलस्तर जयनगर में 67.36 मी और झंझारपुर में 48.80 मी पर खतरे के निशान से नीचे दर्ज किया गया।

मधुबनी में कमला, कोसी, बलान एवं अधवारा समूह की सभी नदियां शनिवार को खतरे के निशान से नीचे रहीं। दो दिनों से जिले में रुक-रुक कर हो रही बारिश से कोसी एवं कमला के जलस्तर में वृद्धि हुई है। सीतामढ़ी में बाजपट्टी के सरेह में मरहा नदी का पानी फैल रहा है। इससे किसानों के खेत में तैयार बिचड़ा बर्बाद होने के कगार पर है।


बाराज से वाटर डिस्चार्ज बढ़ा
कोसी बराज बीरपुर (सुपौल) से शनिवार शाम 4 बजे वाटर डिस्चार्ज 1.39 लाख क्यूसेक था। एक दिन पहले यह डिस्चार्ज 1.44 लाख क्यूसेक था। उधर, शाम चार बजे वाल्मीकिनगर बराज से 1.15 लाख क्यूसेक पानी गंडक में डिस्चार्ज किया गया। सुबह में यह डिस्चार्ज  1.06 लाख क्यूसेक था।

जलस्तर बढ़ते देख बगहा, बैरिया के दियारावर्ती क्षेत्रों मे रहने वाले लोगों मे बेचैनी बढ़ने लगी है। पिछले 24 घंटे में वाल्मीकिनगर बराज से पानी छोड़ने से नदी में पानी दोगुना हो गया है। शुक्रवार को मात्र 54  हजार क्यूसेक वाटर डिस्चार्ज था जो शनिवार को एक लाख क्यूसेक से अधिक हो गया। जल अधिग्रहण क्षेत्र में 47.7 मिमी बारिश भी रिकार्ड किया गया। गंडक का असर पूर्वी चंपारण में भी देखा जा रहा है।  बाढ़ नियंत्रण सेल के अनुसार मोतिहारी में गंडक में जलवृद्धि दर्ज की गई।

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