मैं दीपक हूँ…. हाँ मैं दीपक ही हूँ….पार्ट-2

मैं दीपक हूँ…
मैं ऐसे धर्म को मानता हूँ जो स्वतंत्रता, समानता, और भाईचारा सिखाये..

हम सबसे पहले और अंत मे भारतीय है ,एक विचार को प्रचार -प्रसार करने की सख्त जरूरत होती है ! जैसे एक पौधें को पानी की जरूरत होती है अन्यथा दोनो मुरझा जाएगा। मैं दीपक हूँ.. कभी मुरझाने नही दूँगा!

अनिल कुमार सोनी / प्रभारी बिहार ✍️

दीपक यादव जो एक सफल जिनियस उधोगपतियों में से एक नाम है..
दीपक बीमार एवं बंद पड़ें उधोगो को जिंदा करने वाले सुपर बिजनस मैन का नाम है…
दीपक उधोगपति के साथ ही साथ शांत एवं मृदुलभाषी और मिलनसार व्यक्ति का नाम है…
दीपक गरीब मजबूर लाचार साथी सहयोगी का नाम है….


दीपक हज़ारों परिवार को जीविका देने वाले एक महान इन्शान का नाम है…
दीपक किसानों के गन्ने को रुपये में बदलने वाले सिस्टम का नाम है…
दीपक कोरोना काल महामारी में निरंतर खाध राहत सामग्री लेकर स्वम् जरूरतमंद परिवार के घरों तक पहुचाने वाले एक जरिये का नाम है….
दीपक व्यपार जगत में मार्केट में रौनक बढ़ाने वाले धनदाता का नाम है…
दीपक होली दशहरा दीवाली छठ जैसे त्योहारों में ससमय गन्नों के पेमेंट देकर परिवार सहित रंग , गुलाल , पटाखों के बीच खुशी पूर्वक मनवाने वाले एक चैनल का नाम है…

एक सफल क्रांति के लिए सिर्फ असंतोष का होना काफी नही, आवश्यक है राजनीतिक और सामाजिक अधिकारों के महत्व को समझना.. मैं दीपक हूँ.. कभी अनदेखा नही होने दूँगा !

मैं दीपक हूँ, मेरा जलना ही तो मेरा मुस्काना है.

आभारी हूँ तुमने आकर
मेरा ताप-भरा तन देखा,
आभारी हूँ तुमने आकर
मेरा आह-घिरा मन देखा,
करुणामय वह शब्द तुम्हारा-
’मुसकाओ’ था कितना प्यारा।
मैं दीपक हूँ, मेरा जलना ही तो मेरा मुस्काना है.

है मुझको मालूम पुतलियों
में दीपों की लौ लहराती,
है मुझको मालूम कि अधरों
के ऊपर जगती है बाती,
उजियाला करदेनेवाली
मुसकानों से भी परिचित हूँ,
पर मैंने तम की बाहों में अपना साथी पहचाना है।
मैं दीपक हूँ, मेरा जलना ही तो मेरा मुस्काना है.

Share this news:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *