डांग-आहवा में पशुओं के उपचार के लिए पशु एम्बुलेंस लोकार्पित…

1962 पर कॉल करें और पशुओं के निशुल्क उपचार के लिए एम्बुलेंस घर आएगी।

– मनीष पालवा

राज्य सरकार ने करूणा एनिमल एम्बुलेंस -1962 योजना के तहत प्रति 10 गांव के बीच एक पशु एम्बुलेंस मोबाइल वैन योजना की कुल 460 जितनी पशु एम्बुलेंस वैन सेवा शुरू करने की योजना बना रही है। तब गुरुवार को डांग जिला कलेक्टर कार्यालय से जिला कलेक्टर एन.के.डामोर ने  इस मोबाइल पशु अस्पताल की सेवा की शुरुआत लिलिज़ंडी को दिखाते हुए की।

राज्यमांहाल में कृषि, किसान कल्याण और सहकारिता विभाग के तहत पशुपालन प्रभाग द्वारा संचालित “करुणा पशु एम्बुलेंस -1962” और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के 108 के सफल अनुभव को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार ने 10 गांव के बीच एक पशु एम्बुलेंस मोबाइल वैन योजना की कुल 460 जितनी फिरती पशु चिकित्सालय सेवाओं को राज्य सरकार ने पीपीपी माध्यम से  इसे JVK-EMRI के जरिए  शुरू करने की योजना है।  इस मोबाइल पशु चिकित्सालय द्वारा नामित गांवों में मुफ्त पशु चिकित्सा प्रदान की जाएगी।  इस योजना के तहत, डांग जिले के आहवा कलेक्टर  से कलेक्टर एन.के.डामोर ने लिलिज़ंडी दिखाकर एक मोबाइल पशु चिकित्सालय  शुरूआत कि।  इस सेवा के शुरू होने से, आपातकालीन उपचार के लिए 1962 पर कॉल करके नामित गांवों में घर पर पशुओं का मुफ्त इलाज उपलब्ध होगा। इस योजना के माध्यम से पशुओं का उपचार 365 दिन  सुबह 7 से रात 7 बजे तक मुफ्त सेवाएं उपलब्ध होंगी।  इन सभी वाहनों में जीपीएस की सुविधा है।  मुख्यमंत्री डैशबोर्ड के माध्यम से योजना की रियल टाइम मॉनिटरिंग भी की जाएगी।  ये इकाइयां प्राकृतिक आपदा के समय में निर्बाध सेवाएं प्रदान करेंगी।  इस योजना के लिए, रु 88 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान भी किया गया है।  ये सभी वाहन(एम्बुलेंस) पशु चिकित्सा के लिए सभी आवश्यक चिकित्सा उपकरणों, दवाई और विशेषज्ञ पशु चिकित्सा अधिकारी के पास उपलब्ध होंगे।  इस अवसर पर मंत्री रमन पाटकर, डीडीओ एच.के.वढवानिया, अधिकारी और कर्मचारी सहित  पशुप्रेमी नागरिक उपस्थित थे।

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