वर्षापात एवं वज्रपात से बचाव हेतु सभी आवश्यक तैयारियां रखें अपडेट: जिलाधिकारी।

ANIL KUMAR SONI / COORDINATOR BIHAR

जिलाधिकारी कुंदन कुमार की अध्यक्षता में आज आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की गयी। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि भारत मौसम विज्ञान विभाग, भारत सरकार द्वारा पश्चिम चम्पारण जिले में दिनांक-25-26 जून को भारी वर्षापात होने का अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही जिले में आगामी कुछ दिनों तक बारिश की संभावना भी जतायी गयी है। वर्षापात के साथ ही वज्रपात से भी जान-माल की क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि वज्रपात से जिन व्यक्तियों की मृत्यु हो गयी है उनके आश्रितों के बीच अनुग्रह अनुदान की राशि वितरित करा दिया गया है। यह आवश्यक है कि वर्षापात एवं वज्रपात से बचाव हेतु सभी आवश्यक तैयारियां अपडेट रखी जाय। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग को निदेश दिया कि ऐहतियातन दियारावर्ती, सीमावर्ती एवं गंडक नदी के आसपास रहने वाले निवासियों को सतर्कतापूर्वक आवागमन करने एवं सुरक्षित स्थलों पर वास करने की जानकारी मुहैया करायी जाय।
जिलाधिकारी द्वारा जिलेवासियों से अपील की गयी है कि अनावश्यक रूप से घर से नहीं निकलें। जिला प्रशासन द्वारा विषम परिस्थिति से निपटने हेतु सभी आवश्यक तैयारियां कर ली गयी है। सभी अधिकारियों को अलर्ट मोड में रखा गया है। जिलाधिकारी द्वारा वज्रपात के समय क्या करें, क्या नहीं करें से संबंधित जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निदेश दिया गया है।

वज्रपात (ठनका) से बचाव हेतु क्या करें:-

1. यदि आप खुले में हो तो शीघ्रतिशीघ्र किसी पक्के मकान में शरण लें।
2. सफर के दौरान अपने वाहन में ही बने रहें।
3. समूह में न खड़े हो, बल्कि अलग-अलग खड़े रहें।
4. यदि आप जंगल में हो तो बौने एवं घने पेड़ों के शरण में चले जायें।
5. धातु से बने कृषि यंत्र-डंडा आदि से अपने को दूर कर दें।
6. आसमानी बिजली के झटका से घायल होने पर पीड़ित व्यक्ति को तत्काल नजदीकी प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र ले जाने की व्यवस्था की जानी चाहिए।
7. स्थानीय रेडियो तथा अन्य संचार साधनों के माध्यम से मौसम की जानकारी प्राप्त करते रहें।
8. यदि आप खेत खलिहान में काम कर रहे हों और किसी सुरक्षित स्थान की शरण न ले पायें हो तोः-

● जहां हैं वहीं रहें, हो सके तो पैरों के नीचे सूखी चीजें जैसे-लकड़ी, प्लास्टिक, बोरा या सूखे पते रख लें।

● दोनों पैरों को आपस में सटा लें, दोनों हाथों को घुटनों पर रखकर अपने सिर को जमीन के तरफ यथासंभव झुका लें तथा सिर को जमीन से न सटने दें।

● जमीन पर कदापि न लेटें।

वज्रपात (ठनका) से बचाव हेतु क्या नहीं करें:-

1. खिड़कियों, दरवाजे, बरामदे के समीप तथा छत पर नहीं जायें।
2. तालाब और जलाशय के समीप न जायें।
3. बिजली के उपकरण या तार के साथ संपर्क से बचें व बिजली के उपकरणें को बिजली के संपर्क से हटा दें।
4. ऐसी वस्तुएं, जो बिजली की सुचालक हैं, उनके दूर रहें।
5. बाहर रहने पर धातु से बनी वस्तुओं का उपयोग न करें। बाइक, बिजली या टेलीफोन का खंभा, तार की बाड़, मशीन आदि से दूर रहें।
6. उंचे इमारत (मकान) वाले क्षेत्रों में शरण नहीं लें।
7. साथ ही बिजली एवं टेलीफोन के खंभों के नीचे कदापि शरण नहीं लें, क्योंकि उंचे वृक्ष, उंची इमारतें एवं टेलीफोन/बिजली के खंभे आसमानी बिजली को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।
8. पैदल जा रहे हों तो धातु की डंडी वाले छातों का उपयोग न करें।
9. यदि घर में हों तो पानी का नल, फ्रिज, टेलीफोन आदि को न छूएं।

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