गोपालगंज के पूर्व सांसद पूर्णमासी राम ने नवनिर्माण हुए इस ध्वस्त हुए पुल के गुणवत्ता पर सवाल खड़े करते हुए उच्च स्तरीय जांच कराने की माँग.

सीधा आरोप पुल निर्माण में सरकार के मिली भगत का हुआ पर्दाफास।

हो सकती थी बड़ी दुर्धटना, कितनो की जा सकती थी जान !

पूरी गुणवत्ता के साथ उस पुल से गुजरने वाले लोगो के आत्मसुरक्षा पर सवाल खड़े करते हुए गोपालगंज के पूर्व सांसद पूर्णमसीराम ने बिहार सरकार पर लगाया आरोप !

ANIL KUMAR SONI / COORDINATOR BIHAR

बिहार : गोपालगंज खर्च हुए 264 करोड़ रुपये, जो अभी हाल -फिलहाल में ही तैयार हुआ था ये पुल, मात्र 29 दिन में ही ध्वस्त हुआ ये पुल, बना जांच का विषय ।

बिहार सरकार द्वारा गोपालगंज में करीब 264 करोड़ की लागत से सत्तरघाट महासेतु का निर्माण करवाया गया था। बिहार में लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, किन्तु बिहार सरकार द्वारा कोई भी सुविधा मुहैया नहीं कराई जा रही है।

बुधवार को गोपालगंज और पूर्वी चंपारण को जोड़ने वाली सत्तरघाट महासेतु का एक हिस्सा ध्वस्त हो गया। जिसकी वजह से आवागमन की समस्या उत्पन्न हो गई है। इसी वर्ष 16 जून को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसका उद्घाटन किया गया था। इस कुशासन सरकार ने सत्तरघाट महासेतु को बनाने में आठ साल लगा, किंतु इसका एक हिस्सा 29 दिन में ही ढह गया।

यह स्पष्ट है कि किस प्रकार से इस सेतु के निर्माण की प्रक्रिया रही है। कुशासन बाबू ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसका उद्घाटन तो बड़ी धूम-धाम से कर लिया लेकिन उन्होंने जांच करवाते वक्त भ्रष्टाचार का आँचल पकड़ लिया। सभी जानते हैं कि सुशासन बाबू कितनी ईमानदारी से अपने शासन व्यवस्था का संचालन कर रहे हैं।
क्या भ्रष्टाचारी नीतीश सरकार अभी भी उचित कार्यवाही का ही हवाला देकर अपना बचाव करेगी ?

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