राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ गुरु पूजन बगहा चीनी मिल प्रांगण में भाजपा नेता दीपक यादव के उपस्थिति में मनाया गया।

देश को RSS संघ ने अपने अच्छे प्रेरणा से एक ऐसा प्रधानमंत्री दिया है जिनके अंदर उत्तम विचार, और हर परिस्थिति से निपटने की शक्ति प्राप्त है :- दीपक यादव

ANIL KUMAR SONI / COORDINATOR BIHAR

बगहा :- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गुरु पूजन कार्यक्रम में अलग-अलग जगहों से आये समस्त स्वयंसेवकों का अभिनन्दन भाजपा नेता दीपक यादव द्वारा किया गया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) विशेष उत्सव मानते हुए हर साल इसे मनाता है. इसे संघ के छह उत्सवों में सर्वोपरि माना गया है. इस दिन आरएसएस के कार्यकर्ता भगवा ध्वज की पूजा करते हैं और ध्वज के सम्मान में कई चीजें समर्पित करते हैं.

क्यों व्यक्ति की बजाय ध्वज को माना जाता है गुरु।


आरएसएस भगवा ध्वज को त्याग और समर्पण का प्रतीक मानता है. इसके पीछे की वजह को वह सूर्य से जोड़कर बताते हैं, जो स्वयं जलकर भी पूरी दुनिया को प्रकाश बांटने का काम करता है. इसी वजह से दूसरों के प्रति अपना जीवन समर्पित करने वाले साधु, संत भगवा वस्त्र ही पहनते हैं. आरएसएस भगवा या केसरिया को त्याग का प्रतीक मानता है. संघ का यह भी मानना है कि व्यक्ति में कभी भी कोई खराबी या दुर्गुण आ सकते हैं. लेकिन त्याग का प्रतीक भगवा झंडा हमेशा संदेश ही देगा. ऐसे में व्यक्ति की अपेक्षा ध्वज को गुरु मानना बेहतर है.

यूं ही ध्वज को नहीं मानते गुरु!

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार ने 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के समय भगवा ध्वज को गुरु के रूप में प्रतिष्ठित किया था. विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन गुरु के रूप में हर वर्ष गुरु पूर्णिमा पर इस ध्वज को नमन करता है. भगवा ध्वज को गुरु की मान्यता यूं ही नहीं मिली है. यह ध्वज तपोमय व ज्ञाननिष्ठ भारतीय संस्कृति का सर्वाधिक सशक्त व पुरातन प्रतीक है.

यूं ही ध्वज को नहीं मानते गुरु!

हजारों सालों से चली आ रही परंपरा !

आज के इस कार्यक्रम में प्रचारकों द्वारा बताया गया कि भारत में हजारों सालों से श्रेष्ठ गुरु बनाने की परंपरा चली आ रही है. करोड़ों लोगों ने व्यक्तिगत रीति से अपने गुरुओं को चुना है. इसलिए इस विशेष दिन हम श्रद्धा से गुरु की वंदना करते हैं. अनेक अच्छे संस्कारों को पाते हैं. यही कारण है कि अनेक आक्रमणों के बावजूद एक सफल राष्ट्र के रूप में भारत ने अपना अस्तित्व बचाए रखा है.

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