गहलोत सरकार के खिलाफ केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी का हल्ला बोल, लगाया जनता से वायदा-खिलाफी का आरोप

कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि घोषणा-पत्र में बिजली के बिलों में बढ़ोतरी नहीं करने का वायदा करने वाली कांग्रेस ने कोरोना काल में ही बिजली के बिल बढ़ाकर राजस्थान की जनता से किया विश्वासघात
सरूप प्रजापत की लाइन टाइम
बाड़मेर/जैसलमेर

राजस्थान भाजपा प्रदेश की कांग्रेस सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ आज 28 अगस्त से 4 सितंबर तक 5 बड़े कार्यक्रमों के माध्यम से गहलोत सरकार के खिलाफ आंदोलन करने जा रही है। इसका आगाज आज शुक्रवार से सोशल मीडिया के जरिए हल्ला बोल कार्यक्रम के माध्यम से किया जा रहा है। गहलोत सरकार के खिलाफ किए जाने वाले आंदोलन को लेकर शुक्रवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने भी राज्य सरकार पर जनता से वायदा खिलाफी का आरोप लगाया।

केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार ने अपने घोषणा-पत्र में बिजली के बिलों में बढ़ोतरी नहीं करने का वायदा किया था। किंतु अब सरकार वायदा-खिलाफी करते हुए कोरोना काल में ही प्रदेश की जनता को राहत देने के बजाय बिजली के बिलों में बढ़ोतरी कर रही है। कई बार फ्यूल चार्ज, स्थाई शुल्क के जरिए यह बढ़ोतरी हो रही है। इससे आमजन, प्रदेश के किसान और औद्योगिक इकाईयों पर भारी मार पड़ रही है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार सरचार्ज के रूप में 1 हजार 40 करोड़ का अतिरिक्त भार डालकर जनता को लूटने का काम कर रही है। प्रत्येक उपभोक्ता पर 500 से 2000 रुपये तक प्रतिमाह का अतिरिक्त भार डालना जनता के साथ वायदा खिलाफी है।

केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि पिछले डेढ़ साल में एक लाख से अधिक विभिन्न पदों पर भर्तियों का कांग्रेस सरकार ने ऐलान किया था, लेकिन अभी तक करीब 16 हजार पदों पर ही भर्ती प्रक्रिया चल रही है। जिससे प्रदेश का युवा वर्ग परेशान और हताश है। जुलाई से बेरोजगार युवाओं का बेरोजगारी भत्ता नहीं मिल रहा है। इस तरह प्रदेश सरकार बेरोजगारों और युवाओं के साथ धोखा और छलावा कर रही है। साथ ही श्री कैलाश चौधरी ने कहा कि सरकार कानून व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। जिससे बढ़ते अपराधों के कारण प्रदेश क्राइम कैपिटल बन गया है।

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