‘धम्म चेतना के स्वर’ पुस्तक का हुआ लोकार्पण एवं परिचर्चा

अनिल कुमार सोनी / प्रभारी बिहार

बगहा:- 13 सितम्बर 2020 रविवार को नगर के मंत्री मार्केट अवस्थित सभागार भवन में लॉकडाउन एवं सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए जयप्रकाश प्रकाश द्वारा रचित पुस्तक ‘धम्म चेतना के स्वर’ पुस्तक का लोकार्पण एवं परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन बौद्ध विहार रत्नमाला एवं अनुo जाति जनजाति कर्मचारी संघ, बगहा के तत्वाधान में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कार्यक्रम के संरक्षक सह मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री एवं सांसद पूर्णमासी राम, शायर शकील अहमद मोइन, कवि दिनेश भ्रमर, संपादक ए के नंद, संत सागर जी, अखिलेश्वर नाथ त्रिपाठी, रविकेश मिश्र, जयप्रकाश प्रकाश के द्वारा संयुक्त दीप प्रज्ज्वलन से हुआ।

कार्यक्रम के संरक्षक सह मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री एवं सांसद पूर्णमासी राम ने कहा कि यह पुस्तक सामाजिक अन्याय के विरुद्ध एक साहित्यिक आंदोलन है।
मास संदेश पत्रिका के संपादक ए के नंद ने कहा कि यह पुस्तक मानवता के प्रति चैतन्य उत्पन्न कर समरस समाज बनाने का आह्वान किया गया है।
कवि दिनेश भ्रमर, डॉ रविकेश मिश्र ने कहा कि जनमानस में सदाचरण के साथ मध्यम मार्ग को बीजान्कुरित कर विकृतियों से लड़ने का साहस उत्पन्न करती है। सामाजिक समरसता के भाव पैदा करती है।
पुस्तक के लेखक जयप्रकाश प्रकाश ने बताया कि विश्व शांति और सम्मान तथा शील सदाचरण- सद्ज्ञान के लिए ‘धम्म चेतना के स्वर’ पुस्तक साहित्य और मानवीय उत्थान का साधन है।
उक्त बातें कार्यक्रम के संयोजक अनुजाति जनजाति कर्मचारी संघ बगहा -2 के प्रचार सचिव सह मीडिया प्रभारी सुनिल कुमार ‘राउत’ ने बताया। कार्यक्रम का विषय प्रवेश शायर शकील अहमद मोइन ने कराया एवं संचालन घनश्याम प्रसाद ने किया। मौके पर सुरेश राम, विनय मिश्र, रामदरस राम, अधिवक्ता राजेश वर्मा, रामविलास सिंह, संजय कुमार, मोहन गुप्ता, कर्मचारी संघ बगहा -1 प्रखंड अध्यक्ष राजू कुमार, संघ के मीडिया प्रभारी सह महादलित परिसंघ (राष्ट्रीय) के बिहार प्रदेश मीडिया प्रभारी सुनिल कुमार ‘राउत’, दीपक राही, कवि हरिद्वार प्रसाद ‘मस्ताना’, सुमंत बौद्ध, अब्दुल गफ्फार, दयाशंकर साह, चंद्रिका राम, रामकिसुन राम सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे।

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