अनूठी हस्तकला से श्रवण मेघवाल ने बनाई कांच की बंद बोतल मे छोटी सी खटिया

आखिर बंद कांच की बोतल को बिना तोड़े कैसे बनाई लकडी़ की छोटी सी खटिया

बालेसर/जोधपुर।कहते है की कला किसी की बपौती नहीं होती,अगर मन मे कला को सिखने की ललक और दिल मे जज्बा हो तो संसाधनों के कम होते हुए भी कला रुपी हुनर को हम बखूबी सिख सकते यानी किसी भी उम्र में कोई भी कला सीखी जा सकती है।

सुदूर देहाती अंचल के गांव केतू मंदा निवासी श्रवण मेघवाल ने तो अपनी हस्तकला से बंद कांच की बोतल को बिना तोड़े उसमे लकडी़ की छोटी सी खटिया को बनाकर उसकी बुनाई भी कर कमाल कर दिया है।
यह हस्त कला का कार्य श्रवण मेघवाल अपने हाथो से सरल औजारों की सहायता से बनाते है। इस तरह की कलाओं का धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व होता है। इसके विपरित ऐसी चीजें हस्तशिल्प की श्रेणी में नहीं आती है जो मशीनों द्वारा बड़े पैमाने पर बनाये जाती हैं बोतलों के अंदर लकड़ी की कलाकारी को कोई समझ ही नहीं पाता है की आखिर मे यह बोतल बंद मे कैसे बनाई जाती है।
बंद बोतल की यह तस्वीरे देखकर हर कोई हैरान हैं। हर जुबान से यही चर्चा कि बोतल के अन्दर खटिया कैसे गयी। बोतल को काटा भी नहीं गया है,जबकि बोतल के अन्दर अंगुली भी नहीं जा सकती। बोतल के अन्दर जो खटिया बनाई गई है वो 5इंच लंबी व 4इंच चौड़ी है।
बालेसर के गांव केतू मंदा निवासी श्रवण मेघवाल के इस हुनर उनके जज्बे और अनूठी हस्त कला को देखकर दंग रह जायेंगें।

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