डांग जिले में 38 गांवों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील क्षेत्र घोषित करने पर विवाद

– मनीष पालवा

गुजरात,आहवा-डांग:
आहवा: डांग जिले के 38 गांवों को ईको सेंसिटिव जोन घोषित किया गया है। इसके कार्यान्वयन के लिए एक अधिसूचना जारी करके सुबीर ममलतदार को मुख्य वन संरक्षक, वन सचिव द्वारा डीएफओ को पत्र लिखकर कार्यान्वयन के लिए सूचित किया गया है। सभी कार्यवाही को बंद करने के लिए डांग BTS द्वारा कलेक्टर को एक आवेदन प्रस्तुत किया गया था।

उत्तर वन विभाग में शामिल 38 गांवों को इको सेंसिटिव जोन घोषित किया गया है।  जिसके लिए केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्रालय द्वारा एक अधिसूचना जारी की गई है।घोषणा के अनुसार इन गांवों में 26 प्रकार की गतिविधियों पर प्रतिबंध, नियंत्रण और छूट की सूची को शामिल किया गया है।  वन विभाग ने सुबीर ममलतदार को पत्राचार के माध्यम से इसके कार्यान्वयन के बारे में सूचित किया है।  जिसमें डांग BTS ने इन सभी कार्यवाहियों को रद्द करने की मांग की है।  BTS का आरोप है कि इको सेंसिटिव जोन को लेकर पत्राचार हुआ है,वह 38 गांवों की राजस्व भूमि के मूल मालिक को इसके लिए सूचित नहीं किया गया है।

नियम के अनुसार 135-डी का नोटिस नहीं दिया गया है। साथ ही, इन मुद्दों के एजेंडे में उस गांव की ग्राम सभा में विस्तार से चर्चा नहीं की गई है और किसी भी गांव के लोगों की राय नहीं ली गई है। 23 नवंबर 2020 से, विभिन्न ग्राम पंचायतों के स्तर पर एक आम बैठक आयोजित की गई थी। लेकिन इसने इन मुद्दों पर भी चर्चा नहीं की। 38 गांवों के मूल मालिकों को अंधेरे में रखा गया है और एकतरफा कार्रवाई की गई है कि उन्हें वन विभाग के सह-मालिक के रूप में 7/12 के दूसरे अधिकार में जोड़ा जाए और उन्हें पर्यावरण के प्रति संवेदनशील क्षेत्र के रूप में नोट किया जाए। डांग BTS ने इको सेंसिटिव जोन की कार्यवाही को तत्काल रद्द करने की मांग की है।

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