शिलान्यास के पांच दिन बाद ही धंसा बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे…. आर.के.जैन,प्रधान संपादक, Key Line Times

इसके लिए जिम्मेदार निर्माण संस्था के लोगों के विरुद्ध हो कडी कार्रवाई…आर.के.जैन

उत्तर प्रदेश,बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के लोकार्पण के 5 दिन बाद ही एक ऐसी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई। जिसको देखकर विपक्षी नेताओं के साथ आम सोशल मीडिया यूजर्स भी नरेंद्र मोदी सरकार पर चुटकी लेने लगे। दरअसल, जालौन के पास बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे की एक लेन का हिस्सा धंस गया।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीती 16 जुलाई को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे का लोकार्पण किया था। लोकार्पण के पांचवे दिन ही एक्सप्रेस वे का एक हिस्सा धंस गया। हालांकि निर्माण संस्था ने जानकारी होते ही एक्सप्रेस वे पर सुधार का काम शुरू कर दिया है। जानकारी के लिए बता दें कि तेज बारिश होने के कारण कई जगह कट पॉइंट पर एक्सप्रेस वे धंसा हुआ पाया गया है।

सपा प्रमुख ने अपनी सोशल मीडिया हैंडल से टूटे हुए एक्सप्रेस वे का वीडियो शेयर कर लिखा, ‘ये है भाजपा के आधे अधूरे विकास की गुणवत्ता का नमूना, उधर बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे का बड़े लोगों ने उद्घाटन किया ही था कि हर एक हफ्ते में ही इस पर भ्रष्टाचार के बड़े-बड़े गड्ढे निकल आए। अच्छा हुआ इस पर रनवे नहीं बना।’ समाजवादी पार्टी ने वीडियो ट्वीट करके कहा कि बारिश ने खोल दी, अधूरे बुंदेलखंड एक्स्प्रेस-वे की पोल। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पित बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का बारिश में निकला दम। अधूरे एक्सप्रेस-वे को बुंदेलखंडियों के लिए सौगात बताने वाली भाजपा सरकार जनता को गुमराह कर रही है। शर्म करो प्रचारजीवी सरकार।उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इस मसले पर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे का यह गड्ढा, गबन की गाथा गा रहा है। एक अन्य ट्वीट में लिखा गया, ‘ 4 दिन पहले ही प्रधानमंत्री जी ने पूरी लश्कर के साथ जीत बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे का उद्घाटन किया था, आज तेज बारिश से नीचे धंस गया। संसद से लेकर सड़क निर्माण तक में भारी भ्रष्टाचार हो रहा है। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, क्या योगी आदित्यनाथ जी ठेके में कितना कमीशन चला है कि उद्घाटन के चार रोज बाद ही एक्सप्रेस वे धंस गया। यूपीडा वाले तो मुख्यमंत्री जी के चहेते अधिकारी हैं।
पूर्व IAS सूर्य प्रताप सिंह ने कमेंट किया कि 4 दिन में धंस गया बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे। इतिहास में इतना भ्रष्टाचार कभी नहीं देखा गया, ना देखा जाएगा।पत्रकार सौरभ त्रिपाठी चुटकी लेते हुए लिखते हैं कि जरूर बारिश की ही गलती रही होगी। रोहित कुमार झा लिखते हैं – सड़क की क्वालिटी में कोई कमी नहीं है, एक गाड़ी में चार पांच लोग बैठ कर चलते हैं इसलिए धंस गई। जनसंख्या नियंत्रण कानून ही इसका इलाज है।

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