डांग: सह्याद्री पर्वतमाला का एक युवक ने माउंट एवरेस्ट की दहलीज पर दी दस्तक

डांग के युवक ने माउंट एवरेस्ट बेस कैंप और काला पत्थर पर लहराया तिरंगा, जिले का बना पहला पर्वतारोही।

गुजरात,आहवा-डांग:
डांग जिले के एक पहाड़ी युवक भोवान राठोड़ ने माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप और काला पत्थर तक पहुंच कर तिरंगा लहराया है। यह उपलब्धि हासिल करने वाला युवक भोवान राठोड़ डांग जिले का पहला पर्वतारोही बना है।

डांग के एक पहाड़ी युवक ने अपने जीवन में एक दिन माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने के सपने के साथ, एवरेस्ट बेस कैंप,और काला पत्थर तक पहुंच कर एवरेस्ट की दहलीज पर कदम रखा। जी हा सह्याद्री पर्वत श्रृंखला के एक छोटे से गाँव चिरापाड़ा के इस 27 वर्षीय युवक भोवान राठोड़,ने जो डांग सह्याद्रि की पहाड़ियाँ से लेकर हिमालय,और दुनिया की सबसे ऊँची चोटी पर चढ़ने की इच्छा उनमें पैदा हुई, और उन्होंने इस कठिन मार्ग से जाने की चुनौती भी ली।

बमुश्किल एक लाख रुपये सालाना कमाने वाले इस युवक ने माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने के अपने सपने को पूरा करने के लिए गुजरात और राजस्थान की सीमा से लगे अरवल्ली पर्वत श्रृंखला की चोटी माउंट आबू से अपनी माउंट एवरेस्ट का सफर शुरू करने का फैसला किया। और गुजरात सरकार के युवा सेवा और सांस्कृतिक गतिविधियों विभाग के स्वामित्व वाले स्वामी विवेकानंद पर्वतारोहण प्रशिक्षण संस्थान, माउंट आबू (राजस्थान) में उपलब्ध एडवेंचर कोर्स, बेसिक कोर्स, एडवांस कोर्स, कोचिंग कोर्स और रॉक क्लाइम्बिंग कोर्स में सफलतापूर्वक भाग लिया। और जून के अंत में एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचे।

प्रारंभ में माउंट एवरेस्ट बेस कैंप (5364 मीटर), और वहां से काला पत्थर (5550 मीटर) के बर्फीले पहाड़ों पर चढ़कर तिरंगा लहराते माउंट एवरेस्ट की तलहटी तक पहुंच गया,एक दिन विश्व के इस सबसे ऊंचे शिखर पर पहुंचने के संकल्प के साथ सह्याद्रि के गोद में लौटे भोवन राठोड ने अपनी हडि्डयों को झकझोर देने वाली बर्फीली यात्रा के हैरान कर देने वाले किस्से बताते हुए कहा गया कि डांग के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।डांग और देश को एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक दिलाने वाले फिर गोल्डन गर्ल सरिता गायकवाड़ हो, या डांग एक्सप्रेस मुरली गावित हो। इससे प्रेरणा लेकर कुछ हटके क्या किया जाए इसका विचार मन में आया था। तभी इस पर्वतारोहण प्रशिक्षण का ज्ञान हुआ, और वह माउंट आबू से माउंट एवरेस्ट की और ले गई।

अब एवरेस्ट के तलहटी के दर्शन के बाद,शिखर पर पहुंचकर वह तिरंगा फहराकर अपने देश का नाम रोशन करना चाहता है। और अपनी चुनौती पर खरे उतरेंगे और अपनी छिपी प्रतिभा से युवा पीढ़ी को प्रेरित कर अपनी प्रतिभा से अपना और अपने देश का नाम रोशन करे, ऐसा एक छोटे से साक्षात्कार में आत्मविश्वास से इस युवा भोवन राठोड़ ने कहा।इस प्रकार सह्याद्री के गिरिकंदरा में रहने वाले इस युवक का आत्मविश्वास यह दिखाने लगा है कि हिमालय और एवरेस्ट पर चढ़ने का उसका संकल्प उसे एक दिन अवश्य ही सफलता दिलाएगा।

Share this news:

Leave a Reply

Your email address will not be published.