इस बार के लोकसभा चुनावों के बदलते परिवेश पर विशेष संपादकीय

इस बार तेजी से बदलते चुनावी माहौल से अभूतपूर्व बनते आम चुनाव पर विशेष-आर.के.जैन, मुख्य संपादक, की लाइन टाइम्स
लोकतंत्र स्थापना के छठे दशक मे हो रहे आगामी आम चुनाव अपने आप में अविस्मरणीय होते जा रहे हैं। यें लोकसभा चुनाव राजनीतिक इतिहास मे इतिहास रचने जा रहा है जिसमें राम हनुमान, बजरंग अली, गो वंशीय सांड, मिट्टी कंकड़ के बने बंगाली रसगुल्ले,विपक्षी बुआ बबुआ की राजनीतिक जोड़ी के साथ आजादी के पहले बनी कांग्रेस के गांधी परिवार की वर्तमान पीढ़ी के नायक राहुल गांधी की नागरिकता के साथ ही सैकड़ों साल से चर्चा एवं विवाद का विषय बने हिम मानव के वजूद और चुनाव आयोग पर विपक्षी राजनीतिक दलों द्वारा व्यक्त की गई विश्वसनीयता के मुद्दे स्वर्णिम अक्षरों में लिखे जाएंगे। आगामी लोकसभा चुनाव संपन्न होने तक कौन-कौन से मुद्दे आगामी सत्ता हासिल करने के साधन बन सकते हैं इस बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है लेकिन इतना तो कहा ही जा सकता है कि यह चुनाव पिछले सभी चुनावों से अलग हटकर नये राजनैतिक पैतरों एवं बदले तेवरों के साथ हो रहे हैं। आगामी लोकसभा के 5 चरणों का चुनाव पूरा हो चुका है और छठे चरण के चुनाव की तैयारी हो रही है। इस लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में हिम मानव की मौजूदगी एवं राहुल गांधी की नागरिकता एक नया मुद्दा उभरकर सामने आ गया है। जैसा कि सभी जानते हैं कि बर्फ की पहाड़ियों पर हिम मानव के अस्तित्व एवं मौजूदगी को लेकर पिछले सौ सालों से ज्यादा समय से ही हिम मानव के असितत्व को लेकर अटकलें व्यक्त की जा रहे हैं लेकिन आज तक आधिकारिक तौर पर किसी ने भी पुष्टि नहीं की थी। आगामी लोकसभा चुनाव के दौरान ही भारतीय सेना द्वारा पहली बार हिम मानव को लेकर हो रही चर्चाओं पर अपनी मोहर लगाकर देश दुनिया को चौंका दिया है। हमारी सेना ने माना है कि बर्फ की पहाड़ियों के बीच हिम मानव का अस्तित्व आज भी मौजूद है।गृहमंत्री द्वारा इसकी पुष्टि करने के बाद यह मामला चुनावी समर में कूद पड़ा है। सेना की इस घोषणा के बाद विपक्षी राजनैतिक दलों की राजनीति गरमा गई है तरह तरह की टीका टिप्पणीया शुरू हो गई है और इसे भाजपा का चुनावी हिम मानव कहा जाने लगा है। चुनाव के दौरान हिम मानव चर्चा शुरू ही हुई थी कि इसी बीच गृह मंत्रालय की तरफ से जारी एक सूचना के आधार पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं गांधी परिवार के संवाहक राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता का मामला चुनावी सुर्खियों में आ गया है। इस सनसनीखेज मामले का खुलासा गृह मंत्रालय द्वारा पिछले वर्ष भाजपा की ही वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा मांगी गई सूचना के आधार पर चुनाव के दौरान किया गया है इस खुलासे के होते ही जहां भाजपा उन पर हमलावर होकर उनके भारतीय होने पर प्रश्नचिन्ह लगाकर चुनावी गंगा में हाथ धोने लगी है तो वहीं कांग्रेस के सामने एक नई राजनीतिक मुसीबत खड़ी हो गई है और पूरे देश में इस संबंध में पूछे जा रहे सवालों का वह जवाब नहीं दे पा रही है हालांकि इसी बीच देश के सबसे तेज कहे जाने वाले एक इलेक्ट्रॉनिक न्यूज चैनल ने राहुल गांधी के देश के अंदर ही पैदा होने की पुष्टि कर दी है। आगामी लोकसभा चुनाव के तेजी से बदलते राजनीतिक परिदृश्य एवं मुद्दे मतदाताओं के बीच चर्चा एवं कौतूहल का विषय बन गए हैं और इस पर गर्मागरम बहस छिड़ गयी है। आगामी लोकसभा चुनाव मैं मतदाता अन्य मुद्दों को छोड़कर इन मुद्दों को कितना महत्व देता है यह तो चुनाव परिणाम आने के बाद ही मालूम हो सकता है।

आर.के.जैन

मुख्य संपादक

की लाइन टाइम्स

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