बलात्कारी नारायण सांईं की नई पहचान, कैदी नंबर 1750, पता लाजपोर जेल, बैरक नंबर 6

सूरत के सेशन कोर्ट ने आसाराम के बेटे नारायण साईं को सूरत की दो बहनों से रेप के मामले में दोषी करार दिया है. कोर्ट ने नारायण साईं को उम्रकैद की सजा सुनाई है. अब से नारायण साईं का नया पता सूरत की लाजपोर जेल है. नारायण साईं का नया नाम कैदी नंबर 1750 है. नारायण साईं पर आरोप तय होने के बाद उसके लिए नियम बदल गए है. कैदी नंबर 1750 नारायण साईं अब बैरक नंबर 6 में रहेगा. उस पर जेल के सभी नियम कानून लागू होंगे जो कैदियों के लिए होते हैं. नारायण साईं को अब जेल का ही खाना, खाना होगा. उसकी काबिलियत के हिसाब से उसे काम भी दिया जाएगा.

नारायण साईं और उसके पिता आसाराम लंबे वक्त से रेप के मामले में जेल में बंद हैं. आश्रम में रहने वाली दो बहनों ने आसाराम और नारायण साईं पर बलात्कार का आरोप लगाया था. जिस में बड़ी बहन ने आसाराम पर और छोटी बहन ने नारायण साईं पर बलात्कार का आरोप लगाया था. 2002 से 2005 के बीच दोनों बहनों ने कई बार खुद के साथ रेप होने की बात कही थी. 2013 में दोनों बहनों ने शिकायत दर्ज कराई थी.

जांच अधिकारियों के मुताबिक दोनों बहनों के बयान काफी अहम माने गए. दोनों बहनों ने सभी जगहों की पहचान की थी. साथ ही 50 से अधिक गवाहों के बयान सुनने के बाद नारायण साईं के खिलाफ कोर्ट ने फैसला सुनाया. नारायण साईं पिछले 5 साल से जेल में बंद है.

कोर्ट ने पीड़िता को 5 लाख रुपए देने का भी आदेश दिया है. कोर्ट ने लाजपोर जेल में 2013 से बंद साईं के तीन सहयोगयों को भी अलग-अलग अपराधों के तहत दोषी ठहराया और उन्हें भी 10-10 साल की जेल की सजा सुनाई है. तीन में से दो सहयोगी महिलाएं हैं.

Share this news:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *