लोनी को देश का सबसे प्रदूषित शहर घोषित किए जाने पर जागा प्रशासन, 20 अवैध फैक्ट्रियां ध्वस्त, दो दर्जन डेयरियों पर चला डंडा

लोनी। लोनी देश का सबसे प्रदूषित शहर घोषित होने के बाद क्षेत्रीय विधायक ने अधिकारियों पर कार्रवाई करने का दबाव बनाया। जिसके बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन एवं नगर पालिका नींद से जागी। गुरुवार को अधिकारियों की संयुक्त टीमे लोनी बार्डर थाने की कृष्णा विहार एवं उसके आस पास की कॉलोनियों में अवैध रूप से चल रही भारी प्रदूषण उत्सर्जन करने वाली 20 फैक्टरियों को ध्वस्त कराकर उनका सामान जब्त कर लिया है। जबकि प्रेमनगर आर्यनगर आदि कॉलोनियों में करीब दो दर्जन भैंसोें की डेयरियों पर जुर्माना लगाया है एवं उनके समर्सिबल पम्प नष्ट करा दिए है। एसडीएम का कहना है कि अवैध फैक्टरियों एवं डेयरियों के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
लोनी बार्डर थाने की कृष्णा विहार, अमित विहार, राहुल गार्डन, महामायाकुंज, गोविन्द टाऊन, शक्ति गार्डन,बेहटा हाजीपुर आदि दर्जनों कॉलोनियों में रांगा, पीतल, तांबा, एल्युमिनियम की स्क्रेप गलाने, ई-कचरा जलाकर विभिन्न धातु निकालने, जींस रंगाई डाई आदि की चार पांच सौ फैक्टरियां अवैध रूप से चल रहीं हैं। रात के समय चोरी छिपे चलने वाली इन फैक्टरियों से भारी मात्रा में वायु एवं जल प्रदूषण उत्पन्न होता है। जिसके कारण क्षेत्र का भूजल जहरीला हो चुका है तथा लाखों क्षेत्रवासियों को सांस लेने में भी परेशानी होती है। भारी वायु एवं जल प्रदूषण के कारण सैकडों क्षेत्रवासी टीबी, दमा, पीलिया, आंत्रशोध, चर्मरोग, एलर्जी जैसी गंभीर संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ चुके हैं। क्षेत्रवासी गत तीन दशकों से इन अवैध फैक्टरियों को बंद कराने की मांग करते आ रहे हैं। समय समय पर प्रशासन अवैध फैक्टरियों के विरुद्ध सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी करता है। कई बार फैक्टरियों का सामान भी जब्त किया गया, लेकिन कुछ दिनों के बाद फैक्टरियों का संचालन बादूस्तर शुरु हो जाता है और समस्या जस की तस बनी रहती है।
-विधायक की शिकायत पर जागा प्रशासन
गुरुवार के समाचार पत्रों में लोनी को देश का सबसे प्रदूषित शहर बताया गया। जिस पर संज्ञान लेते हुए क्षेत्रीय विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने आला पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों से कार्रवाई करने को कहा। इतना ही नही कार्रवाई न करने पर विधायक ने सोशल मीडिया पर खुद ही फैक्टरियों को बंद कराने की चेतावनी दे डाली। जिसके बाद एसडीएम आदित्य प्रजापति, तहसीलदार उमाकांत तिवारी एवं नगर पालिका ईओ शालिनी गुप्ता ने भारी पुलिस बल के साथ लोनी बार्डर थाने की कृष्णा विहार कॉलोनी में धातु गलाने की 20 फैक्टरियों को जेसीबी मशीन से ध्वस्त कराकर उनका सामान जब्त कर लिया है। एसडीएम आदित्य प्रजापति का कहना है कि अवैध फैक्टरियों के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। जबकि उनके जब्त किए गए सामान को सूचीबद्ध कर नीलाम किया जाऐगा।
-एक वर्ष पूर्व सील की गई अवैध फैक्टरियां दोबारा कैसे चली?
करीब एक वर्ष पूर्व लोनी के तत्कालीन एसडीएम अमितपाल शर्मा ने करीब चार सौ अवैध फैक्टरियों के विरुद्ध सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की थी तथा उनका सामान भी जब्त किया था, लेकिन उनके ट्रांसफर के बाद वहीं फैक्टरियां दोबारा शुरु हो गईं। प्रश्न यह उठता है कि दोबारा फैक्टरियां शुरु हुईं तो प्रशासन ने उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज क्यों नही कराई तथा उनका जब्त सामान कहां है? क्षेत्रवासियों का आरोप है कि फैक्ट्री मालिकों ने अधिकारियों से सांठ गांठ कर स्वयं ही फैक्टरियों की सील खोल ली तथा जब्त सामान भी सुविधा शुल्क लेकर वापस ले लिया। इस प्रश्न पर एसडीएम आदित्य प्रजापति का कहना है कि इस बार फैक्टरियों को सील नही बल्कि ध्वस्त कराया जाऐगा। ताकि वह दोबारा से शुरु न हो सकें। जबकि जब्त किए सामान का रिकार्ड बनाकर सुरक्षित रखा जा रहा है। जिसके बाद सामान की नीलामी की जाऐगी।
-दो दर्जन डेयरियों पर चला प्रशासन का डंडा
एसडीएम आदित्य प्रजापति ने बताया कि लोनी की प्रेमनगर एवं आर्यनगर आदि कॉलोनियों में अवैध रूप से चल रहीं भैंसों की डेयरियां का गोबर नालियों में बहा दिया जाता है। जिससे नालिया बंद हो जाती है। गुृरुवार को उक्त कॉलोनियों में करीब दो दर्जन डेयरियों पर जुर्माना लगाया गया है तथा उनके समर्सिबल पम्प भी नष्ट करा दिए गए है

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