हरदोई मे शासन प्रशासन को गलत जानकारी दे रहें हैं अधिकारी

Dr.Neelesh Kumar
जिला ब्यूरो चीफ हरदोई

Key line times
जनसुनवाई: फर्जी आख्या लगाकर शासन-प्रशासन को शर्मसार कर रहे जांच अधिकारी
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नानकगंज ग्रंट के सेक्रेट्री अमित पांडेय का कारनामा
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हरदोई। जनसुनवाई शिकायतों के निस्तारण में फर्जी आख्या लगाने वाले जांच अधिकारियों ने प्रशासनिक व्यवस्था को शर्मसार कर दिया है। वैसे तो शिकायतों के निस्तारण में हरदोई को कई बार टॉप टेन में स्थान मिल चुका है, किन्तु पीड़ितों की उम्मीदों पर पानी फेर कर जनसुनवाई पोर्टल पर फर्जी निस्तारण की ओर जिम्मेदार ध्यान नही देते। जिसके चलते शिकायत के बावजूद समस्या जस की तस बनी रहती है, ऐसे में जांच अधिकारियों की करतूत से न सिर्फ पीडितों की उम्मीदों पर भी पानी फेरा जा रहा है बल्कि सरकार की क्षवि खराब हो रही है।

जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण की हकीकत जानने के लिए द टेलीकास्ट के पत्रकार ने एक सरकारी हैंडपंप को दुरुस्त कराने के लिए शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत को आप भी पढ़ सकते हैं कि केवल हैंडपंप की मरम्मत कराए जाने का ही जिक्र किया गया है, किन्तु जांच अधिकारी टड़ियावां ब्लाक के नानकगंज ग्रंट के सचिव अमित पांडेय ने जो आख्या लगाई उसे पढ़कर आप हैरान रह जाएंगे। आख्या में उन्होंने लिखा है कि आवेदक द्वारा पेयजल पानी की टंकी की मांग की गई है, ग्राम पंचायत के कार्यक्षेत्र में पानी की टंकी का काम नही आता है, इसलिए शिकायत निस्तारण कर दी जाए।

अब आप समझ सकते हैं कि जांच अधिकारी ने शिकायत को पढ़कर आख्या लगाई है या बिना पढ़ें! क्योंकि अगर विषय पढ़ा होता तो विषय से सम्बंधित आख्या लगाते। ऐसे में सेक्रेट्री अमित पांडेय ने न सिर्फ शासन की महत्वपूर्ण व्यवस्था से खिलवाड़ किया है बल्कि बीडीओ, डीडीओ व जिलाधिकारी को भी गुमराह किया है। हालांकि ये महज हकीकत को परखने के लिए एक मूलभूत सुविधा से संबंधित शिकायत थी, जिसने सरकारी सिस्टम की हकीकत बेपर्दा कर दी। इस शिकायत पर लगी फर्जी आख्या से जिलाधिकारी को अवगत कराते हुए हमने अपना फीडबैक देकर शासन और प्रशासन को जांच अधिकारी के कृत्य से अवगत करा दिया है, साथ ही सामूहिक सहयोग से सरकारी हैंडपंप को दुरुस्त करा दिया है।

अब सवाल ये उठता है कि जब पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में ये अधिकारी इतनी मक्कारी दिखाते है तो फिर आम जनता को गंभीर समस्या होने पर इनसे कितनी सहूलियत मिलती होगी! इसका भी अंदाजा लगाया जा सकता है।

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