सामाजिक बदलाव की शुरुआत घर से ही करे-राठौड.

बाल विवाह मुक्त अभियान के तहत ब्लॉक स्तरीय महिला मंच की बैठक आयोजित

अमर यादव@जोधपुर। बाल विवाह सामाजिक अभिशाप है ।बाल विवाह से समाज को मुक्त करने के लिये समाज मे सकारात्मक बदलाव की चेतना पैदा करने के उद्देश्य से जय भीम विकास शिक्षण संस्थान एंव एक्शन एड जयपुर द्वारा चलाया जा रहा बाल विवाह मुक्त अभियान के तहत् बुधवार को उपखण्ड स्तरीय महिला मंच की बैठक जय भीम प्रशिक्षण केन्द्र शेरगढ मे आयोजित की गई।
बैठक मे सामाजिक कुरीतियो व कुप्रथाओ पर विचार प्रकट करते हुए संस्थान के प्रबन्धक प्रेमलता राठौड.ने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक अभिशाप है।इससे समाज को मुक्त करना होगा,जिसके कारणो व दुष्प्रभावो को मध्य नजर रखते हुए समाज मे बाल विवाह रोकथाम हेतू सकारात्मक विचारधारा व बाल विवाह विरोधी सोच पैदा करने की आवश्यकता है,और समाज मे कोई भी सकारात्मक बदलाव लाने के लिये शुरुआत हमेशा घर से करनी चाहिए,जिससे बहुत जल्दी बदलाव आने की सम्भावनाएं रहती है।

समाज को बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प ले

बाल विवाह होने पर 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन पर सूचना दे बैठक मे बाल विवाह रोकथाम की जानकारी देते हुए कार्यक्रम समन्वयक भीखाराम बोस ने कहा कि बाल विवाह सामाजिक कुप्रथा है।जिससे कम आयु में शादी होने से लड़का व लड़की दोनो का शारीरिक, मानसिक विकास अवरुद्ध हो जाता है।और परिवार का बोझ आ जाने से अपने स्वय के जीवन के विकास को नही कर पाते है।बाल विवाह करने का सबसे बड़ा कारण लिंगभेद है।क्योंकि जन्म से ही बेटी को बोझ समझा जाता है।परिवार की पितृसत्तात्मक सामाजिक व्यवस्था हमेशा यही चाहती है।कि बेटी पराया धन है।इसकी शादी करके बोझ उतारने के चक्कर मे बेटी का जीवन दुख भरा बना देते है।हमे समाज से लिगं भेद को खत्म कर लैंगिक समानता की अवधारणा को समझना चाहिए ।और समाज मे लागू करना चाहिए।हमे अपनी समझ को स्पष्ट करते हुए यह संकल्प लेना चाहिए कि हम न तो बाल विवाह करेगे।और न ही बाल विवाह होने देगे।
गांव मे या आसपास कही भी बाल विवाह होता है तो उपखण्ड मजिस्ट्रेट, पुलिस को या भारत सरकार की चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर कॉल करके सूचना दे सकते है।जिसमे शिकायतकर्ता या सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाता है।

यह रहे मौजूद

प्रबन्धक प्रेमलता राठौड., कार्यक्रम समन्वयक भीखाराम बोस, सामाजिक कार्यकर्ता राजूराम परिहार, श्रवणकुमार धांधल, नकताराम तंवर,चेतन बोस,पुष्पादेवी,इन्दुदेवी,सीमा, सुमित्रा,गोमती,हवादेवी,रुकमोदेवी,लुणीदेवी सहित कई महिलाएं मौजूद रही।

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