गाजियाबाद : निगम की मनमानी, फ्री होल्ड कालोनी को बताया सरकारी,आक्रोशित जनता पहुंची डीएम के पास

जेपी मौर्या,ब्यूरो चीफ,गाजियाबाद। गाजियाबाद के नंदग्राम में डी-ब्लॉक से सटे आश्रम रोड और राजनगर एक्सटेंशन एलीवेटेड रोड के बीचों बीच बसी हुई शांति नगर फ्री-होल्ड कॉलोनी के पास में राजनीतिक प्रशिक्षण केंद्र बनाने के लिए नगर निगम को जमीन नहीं मिल रही तो निगम ने बीस साल पुरानी बसी हुई फ्री होल्ड कालोनी शांति नगर को ही अवैध कालोनी घोषित कर दिया और कह दिया कि शांति नगर में सरकारी जमीन पर बने मकानों को तोड़ने की तैयारी हो चुकी है। नगर निगम ने यहां कालोनी के अंदर लाल निशान लगाए तो कॉलोनी के लोगों का गुस्सा भड़क गया। इसके विरोध में शांति नगर कॉलोनी के सैकड़ों महिला पुरूष सोमवार को पार्षद माया देवी के नेतृत्व में अपनी समस्या लेकर नगर निगम और कलक्ट्रेट पहुंच गये। उन्होंने नगरायुक्त और डीएम को ज्ञापन देकर मकान न ढहाए जाने की मांग की।
नगर निगम पार्षद माया देवी तथा कालोनी के लोगों का कहना है कि शांति नगर फ्री-होल्ड कॉलोनी 1999 से 2001 के बीच खसरा नंबर- 48, 49, 50, 51 और 51/1 में बसी है। तभी से लोग यहां अपने मकान की पक्की रजिस्ट्री और खारिज दाखिल करवा कर रह रहे हैं। नगर निगम ने इस कॉलोनी में इंटरलाकिंग टाइल्स,बिजली तथा पानी की लाइन बिछाई। यहां के लोग नगर निगम को हाउस टैक्स भी दे रहे हैं। लोगों के नाम यहां रजिस्ट्री भी हैं और दाखिल-खारिज भी है। कुछ लोगों ने प्लाट रीसेल में खरीदे हैं जिनका कहना है कि जमीन के मालिक बाबूदीन, खीम चंद त्यागी, राजाराम त्यागी, लीलावती की ओर से रजिस्ट्री की गई है। नगर निगम इसे सरकारी जमीन बताकर मकान तोड़ना चाहता है। कालोनी के लोगों का कहना है कि नगर निगम ने करीब 100 से ज्यादा मकानों पर पेंट से निशान बनाकर तोड़ने का अल्टीमेटम दिया है। तथा उनका कहना है कि मकान टूटे तो 100 से ज्यादा परिवार बेघर हो जाएंगे। महिलाओं तथा पुरूषों ने एक जुट होकर मकानों को न तोड़े जाने की मांग की है। इस मौके पर जेपी मौर्या,इन्द्र पाल,रामानंद, मोहन लाल,राकेश वर्मा,रजनीश चौधरी, पुनित,विद्या सागर दिवेदी,पार्षद मायादेवी सहित कालोनी के सैकड़ों की संख्या में महिला पुरूष शामिल रहे

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