फैजाबाद मे मेडिकल स्टोर में रंगों के आधार पर बिकती हैं दवाईयां

अमरेंद्र प्रजापति, जिलाध्यक्ष,फैजाबाद

युनिटी आफ प्रैस एण्ड मिडिया ऐसोसिएशन

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फैजाबाद मे कैमिस्ट संचालक दवाइयों के रंग से कर लेते हैं दवा के नाम की पहचान
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यहां कैमिस्ट संचालक दवाइयों के रंग से कर लेते हैं दवा के नाम की पहचान

अमरेन्द्र कुमार प्रजापति, जिलाध्यक्ष,फैजाबाद

“युनिटी आफ प्रैस एण्ड मिडिया ऐसोसिएशन”

अंबेडकर नगर: जिले में वर्षों से फल फूल रहा है।अवैध रूपी हजारों की संख्या में मेडिकल स्टोर” ना तो इन मेडिकल स्टोरों पर फार्मासिस्ट” ना ही लाइसेंस, दवाइयों का रंग देखकर दिया जाता हैं मरीज को दवाइयां, इनके लिए मेडिसिन अधिनियम एक्ट मायने नहीं रखता इन मेडिकल स्टोर पर ठोस कार्रवाई ना होने के कारण यह दिन के दिन और फल फूल रहे हैं।
कहीं-कहीं तो एक लाइसेंस पर चार चार दुकानें और बिना फार्मासिस्ट के ही दवा विक्रय करने पर कोई रोक नहीं लग पा रही है। इससे जनजीवन के साथ भी खिलवाड़ हो रहा है। यह हालात खाद्य एवं औषधि प्रशासन महकमे की ढील पोल के कारण बने हैं। बीते दिनों शहजादपुर नव दुर्गा मेडिकल स्टोर पर छापेमारी कर ड्रग स्पेक्टर अनीता कुरील”द्वारा कुछ दवाइयों का सैंपल लेकर मेडिकल को सील किया गया। अवैध रूप से चल रहे मेडिकल स्टोर्स की बरसों से नियमित जांच ना होने के कारण की उनका मनोबल बढ़ता जा रहा।
जिन दवाओं को डॉक्टर के पर्चे के बगैर नहीं बेचा जा सकता, वे दवाएं भी शहर गांवों और कस्बों में बगैर लाइसेंस के संचालित मेडिकल स्टोर पर आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। गैर लाइसेंसी दवा दुकानों के साथ साथ बड़ी संख्या में लाइसेंसी दुकानदारों के पास भी दवा वितरण के लिए कोई फार्मासिस्ट नहीं है, जब कि दवाओं के रखरखाव व वितरण का काम सिर्फ फार्मासिस्ट ही कर सकता है।
अन्य जगहों से लाई जा रही प्रतिबंधित दवाएं इन अनाधिकृत कारोबारियों को जिले में उपलब्ध नहीं होती उन्हें यह दूसरे जिलों से लेकर आ रहे हैं। इसके बाद दस रुपए कीमत की दवा के पांच से दस गुना तक दाम वसूल रहे हैं। इनके सेवन से जब कोई विपरीत परिणाम निकलते हैं। तो यह सफेदपोश का सहारा लेते हैं,दवाओं के अनाधिकृत कारोबारियों को एलोपैथी दवाओं के डोज की किसी भी जानकारी नहीं है, लेकिन यह किसी मेडिकल प्रेक्टिशनर की भांति मनमर्जी से डोज बताते हुए लोगों को उपलब्ध करा रहे हैं। इससे लोगों को इन दवाओं के मनमाने डोज से तात्कालिक लाभ तो मिल रहा है पर साइड इफैक्ट के घेरे में आ रहे हैं। जिससे किडनी एवं लीवर खराब होने तक की बीमारियां पनप रही हैं।
लक्षणों के आधार पर इलाज हो किसी पीडि़त का एलोपैथी इलाज विभिन्न पहलुओं पर गौर करते हुए किया जाता है केवल पीडि़त द्वारा बताए गए’ लक्षणों के आधार पर इलाज किया जाना घातक साबित हो सकता है। इसलिए एलोपैथी दवाओं का इस्तेमाल किसी एक्सपर्ट द्वारा बताए अनुसार ही किया जाना चाहिए। नहीं तो कोमल अंगों पर एलोपैथी दवाओं का प्रभाव घातक होता है ड्रग इस्पेक्टर अनीता कुरील द्वारा दर्जनों बगैर लाइसेंसी मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की गई”दवाओं के अनाधिकृत कारोबारियों की जांच पड़ताल ड्रग इंस्पेक्टर के माध्यम से और भी करवाई जा रही है। इसके पश्चात गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई हो सकेगी।

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