जीडीए के दफ्तर में बाबू को किया लहूलुहान,साथियों ने बचाई जान, आरोपी गिरफ्तार

जे पी मौर्या, ब्यूरो चीफ गाजियाबाद :भरे दफ्तर में सरेआम जीडीए के बाबू को दबंगों ने जमकर पीटा और मोबाइल से सिर फोड़ दिया। लहूलुहान घायल हालत में जीडीए कार्यालय के कर्मचारी और अन्य लोग पीड़ित बाबू को थाने लेकर पहुंचे। दोनों आरोपियों को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पूछताछ में पता चला कि दुकान की फाइल को लेकर विवाद हुआ था। पहले आरोपियों ने फोन पर गाली गलौज की थी, फिर जीडीए दफ्तर में आकर पीड़ित को पीटना शुरू कर दिया।
कृष्ण कांत राजन पुत्र रामरक्षा प्रसाद निवासी केबी-122 जीडीए स्टाफ क्वार्टर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के कामर्शियल डिपार्टमेंट में कनिष्ठ लिपिक हैं। उन्होंने थाने में तहरीर देकर बताया कि धीरज त्यागी, नीरज त्यागी प्रापर्टी डीलर हैं। मकनपुर में रहते हैं। न्याय खंड इंदिरापुरम में उनकी दुकान है। कुछ दिन पहले उन्होंने एक दुकान नाम कराने के लिए फाइल दी थी। दुकान हरिशरण सिंह के नाम से है और फाइल उन्होंने हरिशरण सिंह त्यागी के नाम से दी थी।
उस फाइल में हरिशण सिंह को हरिशरण सिंह त्यागी दर्शाना चाहे रहे थे। जो नियम के खिलाफ था। दोनों को नियम के तहत फाइल पूरी करने का आश्वासन दिया गया था। बताया कि शुक्रवार को दोनों ने पहले उनके साथ फोन पर गाली-गलौज की। उसके बाद वह दफ्तर आ गए। आते ही फाइलें उठाकर फेंक दी और गाली-गलौज, मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित बाबू ने आरोप लगाया कि दोनों ने मोबाइल फोन से 12 से 15 बार सिर पर वार किया, जिससे वह लहूलुहान हो गए।

अपने साथी को पिटता देखकर आसपास काम कर रहे बाबू दौड़कर आए। उन्होंने कृष्णकांत को आरोपियों से किसी तरह बचाया। आरोपियों ने वहां से भागने का प्रयास किया, लेकिन कर्मचारियों ने उन्हें भी पकड़ लिया। इसी दौरान सूचना पर पुलिस मौके पर आ गई। पुलिस दोनों आरोपी नीरज त्यागी और धीरज त्यागी को सिहानीगेट थाने ले आए। सिहानीगेट थाना प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि कनिष्ठ लिपिक की तहरीर पर नीरज त्यागी, धीरज त्यागी के खिलाफ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचा, धमकी देने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।

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