अर्थला झील की जमीन पर प्लॉटिंग करने वाले 35 लोगों पर रिपोर्ट दर्ज,इलाके के ‘भू माफियाओं’ में हड़कंप

साहिबाबाद। अर्थला झील की जमीन पर प्लॉटिंग कर मकान बेचने वाले 35 लोगों पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद इलाके के ‘भूमाफिया’ में हड़कंप है। सोमवार को कई कालोनाइजर साहिबाबाद थाने से एफआईआर की कॉपी निकलवाने में लगे रहे, ताकि उन्हें यह पता चल सके कि उनका नाम रिपोर्ट में तो नहीं है।

अर्थला झील की जमीन पर मकान बनाने के मामले में एनजीटी ने सभी निर्माण तोड़ने का आदेश दिया है। एनजीटी ने जिला प्रशासन से कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है। 31 मई को सुनवाई के दौरान एनजीटी ने अधिकारियों को आदेश दिए कि झील की जमीन को खाली कराया जाए। इस पर बने मकानों को तोड़ा जाए और डीएम खुद उपस्थित होकर पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करें। इसके बाद निगम ने 35 ऐसे लोगों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिन्होंने कालोनी बसाई है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से कालोनाइजरों में हड़कंप है। वह टोह लेते रहे कि अब प्रशासन कार्रवाई करेगा या नहीं।


कालोनाइजरों पर कार्रवाई न होने से लोगों में रोष
जमीन खरीदकर बनाए गए मकानों को तोड़ने को लेकर कालोनी के लोगों में आक्रोश है। आरोप है कि जिला प्रशासन उनके खिलाफ तो कार्रवाई कर रहा है, लेकिन भूमाफिया और कब्जा कराने में संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है। लोगों का कहना है कि नगर निगम ने रिपोर्ट में जमीन बेचने वालों का नाम तो दे दिया, लेकिन उन्हें बचाने के लिए न तो उनका मोबाइल नंबर दिया है और न ही पते लिखे गए हैं। ऐसे में पुलिस भूमाफिया को कैसे पकड़ सकेगी। नगर निगम के मोहन नगर जोनल प्रभारी एसके गौतम ने बताया कि झील की जमीन बेचने वाले अन्य लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। उनके नाम भी एफआईआर में जुड़वाए जाएंगे।


कोर्ट जाने की कर रहे तैयारी
बालाजी विहार व न्यू चित्रकूट कालोनी के लोग अपने मकानों को बचाने के लिए कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। वह पैसा इकट्ठा कर वकील की फीस जमा कर रहे हैं। वह दिल्ली, इलाहाबाद व गाजियाबाद के अधिवक्ताओं से बात कर रहे हैं। जल्द ही न्यायालय में याचिका दायर करेंगे।

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