अलीगढ़ में मिलावटी दूध का धंधा जोरों पर

संदीप सिंह, जिला मुख्य संवाददाता, अलीगढ़

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मिलावटी दूध पी रहा आधे से ज्यादा अलीगढ़, 55 नमूनों में से 30 मिले अधोमानक
स्वास्थ्य विभाग मंत्रालय कुंभकरण की नींद सोया।

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अलीगढ। यह सुनने में भले ही अटापटा लगे, लेकिन है सच। अलीगढ़ की आधे से ज्यादा आबादी मिलावटी दूध पी रहे हैं। खुद एफएसडीए (खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन) के आंकड़े इसकी पुष्टि करते हैं। वित्तीय वर्ष 2018-19 में जिले में कुल 55 नमूने दूध के भरे गए, इनमें से 30 की रिपोर्ट मानकों के खिलाफ आई है। तीन नमूने असुरक्षित हैं। यही हाल खाद्य पदार्थों की है। कुल 366 नमूने भर गए। इनमें से 38 असुरक्षित व 125 अधोमानक मिले।

यह है प्रक्रिया
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा खानपान के सामानों के नमूने लिए जाते हैं। इसके बाद इनकी प्रयोगशाला में जांच होती है। फिर रिपेार्ट आने पर मिलावट खोरों पर मुकदमा चलता है। विभाग ने वित्तीय वर्ष 2018-19 में एक मार्च से 31 मार्च तक लिए गए दूध के नमूनों की रिपोर्ट जारी की है। पूरे साल में कुल 48 स्थानों पर छापेमार कार्रवाई की गई। इसमें 55 नमूने भरे गए। जांच रिपोर्ट इसमें 30 नमूने अधोमानक मिले हैं। तीन नमूने असुरक्षित हैं।

विजयगढ़ के तीनों नमूने असुरक्षित
एफडीए की टीम ने अकराबाद क्षेत्र के विजयगढ़ में छापेमार कार्रवाई कर आठ हजार लीटर दूध बरामद किया था। यहां से दो नमूने भरे गए। जांच में यह दोनों ही असुरक्षित आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार दूध में 700 पीपीएम तक यूरिया हो सकता है, लेकिन इन नमूनों में इससे कई गुना अधिक पाया गया। डिटर्जेंट की मिलावट की भी इसमें पुष्टि हुई है।

ऐसे होता है खेल
शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में इसका गोरखधंधा तेजी से पनप रहा है। जानकारों की मानें तो मिलावटखोर 10 लीटर दूध में 20 लीटर तक पानी मिलाते हैं। फिर, इसमें फैट बढ़ाने के लिए रिफाइंड का प्रयोग होता है। एसएनएफ की मात्रा के लिए ग्लोकोज डाला जाता है।

होली-दिवाली में ही सक्रियता स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी
मिलावट पर लगाम लगाने वाले एफएसडीए महज होली-दीवाली समेत अन्य त्यौहारों पर ही सक्रिय होता है। इसी दौरान खाना पूर्ति अपनी जेबें गर्म करने के लिए नमूने भरे जाते हैं। फिर पूरे साल कोई कार्रवाई नहीं होती है। अगर किसी पेपर में कोई खबर लगती है तो सिर्फ खानापूर्ति पूरी की जाती है विभागीय कर्मचारियों पर वसूली के भी खूब आरोप लगते हैं। अपने चहेतों को छोड़कर जो लोग मंथली नहीं देते हैं उनके नमूने लिए जाते हैं दूध के

खाद्य पदार्थों के 366 नमूने लिए
पूरे साल में खोया, पनीर, घी, मक्खन, मिठाई, तेल, मसाले, मीट सहित 38 सामानों के कुल 366 नमूने भरे गए। इन नमूनों में 105 नमूनें अधोमानक यानि जो संबंधित वस्तु के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार नहीं हैँ। वहीं 38 नमूने असुरक्षित हैं। यह सेहत के लिए हानिकारक हैं। इनमें नौ नमूने देशी घी के असुरक्षित हैं

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खाद्य सामान कुल नमूने अधोमानक , असुरक्षित
दूध 296 32 03

खोया 126 25 00

पनीर 96 12 00

घी 62 02 09

मिठाई 216 14 01

तेल 151 11 02

मसाले 118 07 03

यह है सजा व अर्थदंड
खाद्य पदार्थों में मिलावट पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 की धारा-51 में पांच लाख तक के अर्थदंड का प्रावधान है। इसके अलावा मिलावट के दौरान ऐसे हानिकारक पदार्थ, जिसके सेवन से मृत्यु हो सकती है। उसके पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 की धारा-59 के अंतर्गत कम से कम सात साल और अधिकतम उम्रकैद की सजा का प्रावधान है। दस लाख तक जुर्माना भी इसी में शामिल है। अभिहत अधिकारी सर्वेश मिश्रा ने बताया कि मिलावट पर लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती हैं। जल्द ही फिर से बड़े स्तर पर छापेमार कार्रवाई होगी। लेकिन वही शहर के एक समाजसेवी संस्था के प्रधान ने अपना नाम ना छापने के साथ में बताया की छापामारी तो महल एक खानापूर्ति है छापामारी के नाम पर काफी मोटी रकम इकट्ठी की जाती है जो चंद्र अधिकारियों की हथेली गरम की जाती है दबी जुबान में अपना नाम ना छापने की सूरत में एक हलवाई ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का एक अधिकारी रंगीन मिजाजी भी है जो गरम गोश्त का काफी शौकीन है पिछले दिनों यह अधिकारी अपने घर पर मौज मस्ती कर रहा था ऊपर से इसकी बीवी आने पर इसके हाथ पांव फूल गए बाद में इनकी एक पंचायत क्षेत्रीय पार्टी नेता के घर पर हुई जिसके बाद माफी मंगवा कर इनका परिवार मियां बीवी का समझोता करवाया था।

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