1962 युद्ध में शहीद हुए बैंगलोर निवासी की ऑस्ट्रेलियन बेटी का जोधपुर के बामणु गांव में हुआ भव्य स्वागत

पिता के सहयोगी योद्धाओं से मिलकर भावुक हो उठी चार्ली दलबी

की लाइन टाइम्स न्यूज़

बामणु जागरूक नागरिक समिति की ओर से शानिवार दिनाँक 8/6/19 को भारत-चीन युद्ध वर्ष 1962 में शहीद कैप्टन एक के दलबी निवासी बेंगलोर एग्लो इनडियन की पुत्री चार्ले दलबी जो कि हिंदी भी पढ़ना जानती है। वह हाल निवासी ऑस्ट्रेलिया अपने पिता के साथी योद्धाओं से रूबरू होने तथा युद्ध के तत्कालीन हालात की जानकारी लेने गांव बामणु तहसील फलोदी जिला जोधपुर पहुँची। वहां पहुंचकर युद्ध लड़ने वाले योद्धाओं कैप्टन विजय सिंह चाँपावत, हवलदार नारायण सिंह नरावत, नायक गिरधारी सिंह चौहान से भेंट कर अपने शहीद पिता की पूरी जानकारी ली। पिता के तीनों सहयोगी योद्धाओं से मिलकर चार्ली भावुक हो उठी। बड़ी मुश्किल से वह अपनी अश्रु धारा को रोक पाई। कुंभ सिंह चाँपावत अध्यक्ष श्री नागाणा राय ग्राम विकास ट्रस्ट बामणु ने बताया कि वीरों की धरा बामणु के ग्रामीण व अनेक वीर योद्धाओं ने विदेशी अतिथि का भव्य स्वागत किया. भेंट आदि अर्पित कर मान सम्मान किया. भवानी सिंह चांदसमा ने स्वागत भाषण दिया.. कैप्टन विजय सिंह ने आभार प्रकट किया. चारलेय दलबी ने अतयंत खुशी प्रकट की पिता के शहीद समय मात्र तीन माह की थी पड़ोसी गांव के भूतपूर्व सैनिक स्वागत के लिए पहुंचे.. श्री नागाणा राय ग्राम विकास ट्रस्ट द्वारा स्मृति पुस्तक की भेंट वरिष्ठ भूतपूर्व सैनिक श्री उगम सिंह चाँपावत के कर कमलों द्वारा दी गई। मंच का संचालन भवानी सिंह चंपावत ने किया।फलौदी पत्रकार संघ के अध्यक्ष रामावतार बोहरा ने बताया कि चार्ली से फोन करके संपर्क किया और फलोदी आने का न्यौता दिया इस पर उन्होंने निमन्त्रण को स्वीकार किया ओर फलोदी आये इस मौके पर गणमान्य नागरिक भैरू सिंह, भगवान सिंह, पदम सिंह देरावर सिंह इंदर सिंह भोम सिंह मंडला, मोती सिंह ढढू, करण सिंह ढढू, फूलाराम ढोली सरपंच हरु राम मेघवाल आदि उपस्थित हुए।

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