नगर निगम कार्यालय में महिला पार्षद ने की आत्मदाह की कोशिश, जमकर हुआ हंगामा

जेपी मौर्या,ब्यूरो चीफ,गाजियाबाद। नंदग्राम के वार्ड 6 में पार्क और नाले का निर्माण न कराए जाने से आक्रोशित नंदग्राम वार्ड-6 की पार्षद माया देवी ने सोमवार को नगर निगम मुख्यालय पर आत्मदाह करने की कोशिश की। पार्षद ने जैसे ही केरोसिन का तेल अपने ऊपर छिड़कने की कोशिश की वंहा पहले से मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनके हाथ से तेल की बोतल छीन ली। पार्षद और पुलिसकर्मियों में काफी धक्कामुक्की हुई। महिला पुलिस कर्मियों ने बार बार पार्षद को पानी पिलाने और शांत रहने की कोशिश की इसके बाद महिला पार्षद अपने समर्थकों के साथ नगर निगम में ही धरने पर बैठ गई। सुबह 11:30 से दोपहर करीब 2:30 बजे तक तीन घंटे तक हंगामा चला। नगरायुक्त व महापौर के नाला और पार्क निर्माण के आश्वासन पर पार्षद और समर्थक वंहा से वापस लौटे।


वार्ड-6 की पार्षद माया देवी नंदग्राम में मुख्य नाले को पक्का किए जाने की मांग लंबे समय से कर रही हैं। वह इस मामले को कई बार नगर निगम बोर्ड बैठक में भी उठा चुकी हैं, बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई। फिलहाल यह नाला कच्चा है और इसकी वजह से कॉलोनी में जलभराव होता है। करीब 15 दिन पूर्व उन्होंने नगर निगम अधिकारियों और महापौर को अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि 15 दिन में नाला निर्माण का काम शुरू न कराया गया तो वह

आत्मदाह करेंगी। इसके बाद निगम अधिकारियों में हड़कंप मचा। रविवार को नगर निगम के मुख्य अभियंता मोइनुद्दीन, अधिशासी अभियंता सूरजपाल वार्ष्णेय, प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी वीपी शर्मा समेत कई अफसर उनके वार्ड में पहुंचे और नाले की डीपीआर बनाकर शासन को भेज दिए जाने की बात कही। उन्होंने फिलहाल नाले की सफाई कराकर सुधार कराने का आश्वासन दिया। इस पर पार्षद नहीं मानीं और सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे वह नगर निगम मुख्यालय पहुंची और आत्मदाह की कोशिश की।महापौर ने जनता के बीच जाकर वार्ता से किया इंकार
महापौर आशा शर्मा नगर निगम मुख्यालय पहुंची तो पार्षद माया देवी नंदग्राम की महिलाओं के साथ धरने पर बैठी थीं। वह महापौर और नगरायुक्त को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़ी थीं। महापौर ने धरनारत पार्षद और महिलाओं से वार्ता नहीं की और अपने कमरे में चली गईं। उन्होंने वार्ता के लिए पार्षद को अपने कमरे में बुलाया, लेकिन पार्षद का कहना था कि मेयर जनता के बीच आकर वार्ता करें। इस विरोध के चलते काफी देर तक गहमागहमी चलती रही। इसके बाद कांग्रेस पार्षद दल के नेता जाकिर सैफी व अन्य पार्षद महापौर से वार्ता करने पहुंचे और उनका संदेश आकर माया देवी को दिया। इस पर माया देवी व पांच-छह महिलाएं वार्ता करने महापौर के कार्यालय में पहुंचीं।
इन मांगों पर बनी सहमतिमहापौर ने माया देवी ने नंदग्राम के मुख्य नाले और दो अन्य नालों के निर्माण व खाली पड़ी सरकारी जमीन पर पार्क बनाने की मांग की थी। महापौर आशा शर्मा व नगरायुक्त दिनेश चंद्र ने बताया कि नाला निर्माण के लिए नगर निगम का निर्माण विभाग पहले ही प्रस्ताव बना चुका है। नाला निर्माण के लिए 3.96 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर 31 मई को ही शासन को मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। शासन से स्वीकृति और बजट मिलने पर काम शुरू करा दिया जाएगा।उन्होंने खाली पड़ी सरकारी जमीन पर बाउंड्रीवॉल बनाकर उसमें पार्क विकसित करने की मांग भी मान ली हैं। कांग्रेस पार्षद दल के नेता जाकिर सैफी, पार्षद अजय शर्मा, नरेश जाटव समेत कई अन्य पार्षद भी मौजूद रहे। मेयर व नगरायुक्त के आश्वासन पर आंदोलनरत पार्षद माया देवी अपने समर्थकों के साथ वापस लौट गई।
वहीं नगर निगम ने शांति नगर में सरकारी जमीन पर बने मकान न तोड़ने की मांग को ठुकरा दियामाया देवी और क्षेत्र के लोगों का कहना है कि नंदग्राम में करीब 85 मकानों को नगर निगम अब सरकारी जमीन बताकर ध्वस्त करना चाहता है। उन्होंने ऐसा न करने की मांग की थी। इस मांग पर नगरायुक्त ने साफ इंकार कर दिया। उनका कहना है कि सरकारी जमीन पर बनाया गया पक्का निर्माण जरूर तोड़ा जाएगा, लेकिन किसी निजी व्यक्ति की जमीन को नगर निगम बिल्कुल नहीं छेड़ेगा।
चिल्लाया युवक तो नगरायुक्त का गुस्सा भड़कानगर आयुक्त और महापौर निगम पार्षद माया देवी व अन्य महिलाओं से मेयर कार्यालय में वार्ता कर रहे थे। इसी दौरान सरकारी जमीन पर बने मकानों का मुद्दा उठा तो आंदोलन में शामिल एक व्यक्ति ने ताव में आकर ऊंची आवाज में चिल्लाकर बत्तमीजी से नगरायुक्त से बात की। इस पर नगरायुक्त ने कहा कि हमे धमकी मत देना। यह सुनकर वह व्यक्ति भी भड़क गया। नगरायुक्त व मेयर के समर्थन में कई पार्षद भी खड़े हो गए और व्यक्ति को धमकाने लगे। मामला कुछ देर के लिए काफी गर्मा गया था।

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