बढ़ते अपराध के विरोध में पोकरण में सर्व समाज का धरना

कि लाईन टाईम ब्यूरो चीफ जैसलमेर गणेश जैन फलसूण्ङ

बढ़ते अपराध के विरोध में पोकरण में सर्वसमाज का धरना-प्रदर्शन, 10 दिन का दिया अल्टीमेटम चाचा गांव में बस कंडक्टर से हुई मारपीट अाैर लूटपाट समेत बढ़ते अपराध के विरोध में बुधवार काे एसडीएम कार्यालय के आगे दिया धरना

चाचा गांव में बस कंडक्टर से हुई मारपीट अाैर लूटपाट समेत बढ़ते अपराध के विरोध में बुधवार काे एसडीएम कार्यालय के सामने सर्व समाज की अाेर से धरना प्रदर्शन किया गया। हालांकि मंगलवार की रात पुलिस ने इस घटना के मुख्य अाराेपी काे गिरफ्तार कर लिया था। प्रदर्शनकारी अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग के साथ साथ दूसरी घटनाओं में भी लोगों को न्याय दिलाने की मांग कर रहे थे। इस दौरान सांग सिंह भाटी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से वर्ग विशेष द्वारा पूरे क्षेत्र में जगह जगह पर मारपीट कर अत्याचार किया जा रहा है। इसमें राजगढ़ में ओरण की जमीन पर कब्रिस्तान बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही लाठी प्रकरण में जुगताराम के मामले में प्रशासन ने धारा 302 हटाकर 304 लगा दी। रतन की बस्सी में बच्ची के साथ हुए प्रकरण में भी अभी तक न्याय नहीं मिल पाया है। महंत प्रतापपुरी ने कहा कि अपने लिए तो हर कोई लड़ता है लेकिन जो दूसरों के लिए लड़ता है वही महान होता है। उन्होंने कहा कि यहां माैजूद सैकड़ों लोग अपने लिए नहीं बल्कि दूसरों पर हुए अत्याचार के विरोध में आए हैं। इस अवसर पर जैसलमेर पूर्व विधायक छोटूसिंह भाटी, सांग सिंह आनंदसिंह राठौड़, मदनसिंह राठौड़, कंवराजसिंह चौहान, ओम सेवक, हाथीसिंह मूलाणा, देचू सरपंच मेघसिंह भाटी, कस्तुराराम सुथार, गणपतसिंह, कोजराजसिंह, रिटायर्ड डिप्टी भीखसिंह राठौड़ ने भी सभा को संबोधित किया। संचालन दलपतसिंह पूनमनगर ने किया।

लाठी में जुगताराम की मौत के मामले में चालान में 302 के स्थान पर धारा 304 लगाने का विरोध

ज्ञापन लेने के लिए सभा स्थल पर पहुंचे अफसर

अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे सर्वसमाज के लोगों द्वारा जहां प्रशासन द्वारा धरना स्थल पर पहुंचकर ज्ञापन देने की मांग थी। वहीं प्रशासन द्वारा धरना स्थल पर पहुंचने से मना कर दिया। बाद में विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी देने पर जैसलमेर एडीएम भागीरथ विश्नोई तथा पोकरण डीएसपी मोटाराम चौधरी धरना स्थल पहुंचे।

दस दिन का अल्टीमेटम

ज्ञापन के बाद शिष्ट मंडल ने एसडीएम कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात की। शिष्ट मंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों को आगामी दस दिनों का समय देते हुए सभी मांगों को मानने की चेतावनी दी। मांगे नहीं मानने पर आगामी दस दिनों बाद विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

दबाव बनने पर ही काम करती है जैसलमेर पुलिस!

आम धारणा बन गई है कि पुलिस में सिर्फ मामला दर्ज होने से जांच आगे नहीं बढ़ती है, यदि जांच आगे बढ़ानी है तो सामाजिक व सार्वजनिक स्तर के अलावा राजनीतिक व किसी संगठन की ओर से पुलिस पर दबाव बनाया जाए ताकि पुलिस अपने कर्तव्य को समझकर आगे बढ़ सके। जैसलमेर में तो ऐसा ही हो रहा है। चाहे लाठी में मतदान के दौरान हुए हमले का मामला हो या फिर जोगीदास धाम में हुई चोरी का मामला। बुधवार को पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उस पर दबाव जरूरी है, चाचा में बस कंडक्टर के साथ हुई मारपीट की घटना को लेकर कई हिंदू संगठन एकजुट हुए और 19 जून को बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। पुलिस इतनी सक्रिय हो गई कि 18 जून की रात में ही इस घटना के एक आरोपी को पकड़ लिया। ताकि आंदोलन बड़ा न हो।

मामला किसी समाज से जुड़ा हो, साम्प्रदायिक हो या फिर मंदिर की आस्था से जुड़ा हो तो आंदोलन हो जाते हैं और पुलिस मजबूर भी हो जाती है लेकिन आम आदमी के मामलों में इनसे क्या उम्मीद की जा सकती है…। कैसे पुलिस आम आदमी की सुनती होगी, वहां तो आंदोलन का डर भी नहीं होता…।

धरना स्थल पर बैठे लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। इसमें मुख्य रूप से लाठी में जुगताराम सुथार मर्डर प्रकरण में चालान धारा 302 को हटाकर 304 लगाना, भारेवाला प्रकरण में असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई, राजगढ़ में ओरण भूमि की पैमाइश करवाकर पत्थरगड़ी करने, चाचा प्रकरण में लाठी थाना में धारा 307 जोड़ी जाए, और सभी के खिलाफ धारा 147, 149, 427, 395, 307 जोड़ने और नाचना में रोहिड़ेवाला में पीडित परमाराम के परिवार को न्याय दिलवाने जैसी मांगे शामिल हैं।

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