भागवत कथा मनुष्य को जीवन जीने की कला सिखाती है :प.छगनलाल छंगाणी

श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य के जीवन मे जीने की कला सिखाती है. सम्पूर्ण सृष्टि एवँ ग्रथों का यही सार है. व्यक्ति को परमात्मा का स्रमरण करते हुए इस दुर्लभ मानव। जीवन का कल्याण एवँ सार्थक करने के लिए हरी स्मरण ही एक मात्र उपाय है.

उक्त विचार स्थानीय डोगरों की बगेची मे चल रही श्रीमद्भागवत कथा प्रवचनों मे व्यासपिठ से प.छगनलाल जी महाराज छगाणी द्बारा श्रौताऔ को अमृतारसपान करवाते हुए कहा महाराज छगाणी ने भागवत कथा मे भगवान श्रीकृष्णजन्मौत्सव. का नन्दोत्सव. बालकृष्ण लीलाओं का वर्णन के साथ कथा के दसवें स्कन्दपुराण मे प्रवेश किया।

कथा सँचालन मे पशुराम सेवा विकास समिति प्रमुख जगदीश बोहरा विशेष योगदान निभा रहे है ।

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