वन्यजीव बाहुल्य गांव ऊदट सहित दर्जनो गांवो में भामाशाहो की सहायता से राशि इकट्ठी करके वन्यजीवो के लिए की पानी की व्यवस्था

रामदेव बिश्नोई सजनाणी

वन्यजीव प्रेमी पिछले 2 महीनो से गर्मियों में वन्यजीवो को बचाने की चला रहे हैं मुहिम

जोधपुर।आज के आधुनिक युग में लोग आधुनिकता की ओर भागे जा रहे हैं, दुनिया में कहां क्या हो रहा हैं उनसे उनको कोई लेना देना नही, लेकिन कई ऐसे भी लोग हैं जो अपने साथ साथ प्रकृति पर निवास करने वाले वन्य जीवो का सार संभाल भी रखते हैं ओर हर वर्ष भीषण गर्मियों में उन वन्यजीवों के लिए पानी की भी व्यवस्था करते हैं ।

जी हां बात कर रहे हैं फलोदी ओर बाप रेंज के ऊदट व सोढादड़ा जैसे वन्यजीव बाहुल्य क्षेत्रों की जहां स्थानीय वन्यजीव प्रेमी ऐसी मुहिम चलाते हैं जिससे वन्यजीव भी आसानी से जीवन जी सकेl
अखिल भारतीय जीव रक्षा बिशनोई सभा, ऊदट के अध्यक्ष रामचन्द्र थालोड़ ने बताया कि बाप क्षेत्र वन्यजीव बाहुल्य क्षेत्र है, जहां मरूस्थल का विस्तार हैं ओर वहां हजारो वन्यजीव जंगलो में निवास करते हैं, तो ऐसे में वहां के वन्यजीव प्रेमी पांचाराम डारा नें भामाशाहो की सहायता से राशी इकट्ठी करके वन्यजीव बाहुल्य क्षेत्र ऊदट व सोढादड़ा सहित कई गांवों में खैलियां रखकर टांको में पानी के टैंकर डलवाये ओर वहां के स्थानीय जीवप्रेमी हमेशा खैलियां भरते हैं।

अब बात करते हैं एक ऐसे बड़े बड़े सुनसान धोरो वाले ऊदट गांव की, जिस गांव में हजारो की संख्या में वन्यजीव पाये जाते हैं ओर वहां के जीव रक्षा अध्यक्ष रामचन्द्र थालोड़, सीताराम थालोड़ ओर इनके पिता सहीराम थालोड़ हर वर्ष भीषण गर्मियों में ऊदट व सोढादड़ा के लगभग 10 km तक के दायरे में 15-20 टांको पर वन्यजीवो के लिए पानी की खैलियां भरते हैं, ओर दिन रात वन्यजीवो की सुरक्षा के लिए सजग रहते हैं।

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