आर्युवेदिक चिकित्सा, जाने गर्मी में आम कितना लाभदायक है

कमल जैन, जयपुर

प्रदेश उपाध्यक्ष राजस्थान

“उपभोक्ता एंव मानव अधिकार रक्षा समिति”

*🍋स्वास्थ्यवर्धक आम 🍋*. गर्मी के मौसम मे सबसे पसंदीदा खाया जाने वाला फल आम है।आम स्वदिष्ट होने के साथ साथ गुणकारी और स्वास्थ्य वर्धक होने से आम को फलों का राजा कहते है।
आम में विटामिन “A “, विटामिन ” C “, विटामिन “K ” विटामिन ” E “और फोलेट प्रचुर मात्रा में होते है। इसमें विटामिन ” B ” समूह, पोटेशियम, कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नेशियम, कॉपर और फाइबर भी पर्याप्त मात्रा में होते है। इसके अलावा आम में ओमेगा -3 और ओमेगा -6 फैटी एसिड भी होते है।
आम की गुठली , पत्ते , छाल , लकड़ी आदि सभी चीजें उपयोगी में होती है। अाम के पत्तों से बांधनवार बनाकर शुभ कार्यों में और त्यौहार के समय दरवाजे पर लगाई जाती है।

शुक्रवर्धक:-

आम के रस में दूध मिलाकर पीने से वीर्य की दुर्बलता नष्ट होती है। रोजाना दो -तीन आम खाकर ऊपर से एक ग्लास दूध पीने से वीर्य वृद्धि होती है शुक्राणु पुष्ट होते है। दो महीने तक लगातार शाम के समय एक कप अआ

मरस में एक कप दूध मिलाकर पीने से शरीर की कमजोरी दूर हो जाती है । खून साफ होता है । मर्दाना ताकत में जबरदस्त बढ़ोतरी होती है। शीघ्र पतन ठीक होता है। पके अाम में लौंग या अदरक स्वाद के अनुसार मिलाकर पीने से शुक्राणु की संख्या में बढ़ोतरी होती है। पेशाब खुलकर आता है। स्फूर्ति बढ़ जाती है। इससे दुबले पतले लोग भी हष्ट पुष्ट हो जाते है।

दिमागी ताकत

एक कप पके आम के रस में एक कप दूध ,एक चम्मच अदरक का रस और स्वाद के अनुसार मिश्री मिलाकर पीने से रोजाना कुछ दिन लेने से दिमाग को बहुत शक्ति मिलती है। इससे खून साफ होता है। आंख के आगे अंधेरा आना ठीक होता है। पुराना सिरदर्द ठीक हो जाता है।

पाचन तंत्र:-

पाचन तंत्र के लिए आम लाभदायक होता है। रेशेदार आम सुपाच्य , गुणकारी और कब्ज को दूर करने वाला होता है। आम में रेचक और पोषक दोनों गुण होते है। आम लीवर को शक्तिशाली बनाता है। खून की कमी को दूर करता है। आम के रस में सौंठ का पावडर मिलाकर पीने से पाचन शक्ति सुधरती है।

लू लगने पर :-

तेज गर्मी से लू लग जाती है। जी घबराने लगता है। मुँह सूख जाता है। प्यास बहुत अधिक लगती है। इसमें हाथ पैरों से पसीना छूटने लगता है।
इससे बचने के लिए कच्चा आम (केरी) का पना (छाछ)पीना चाहिए। यदि लू लगी हो तो भी केरी का पना(छाछ) दिन में दो-तीन बार पीने से आराम मिलता है।

सौंदर्य:-

आम नियमित खाने से त्वचा मे निखार आता है। इससे त्वचा स्वस्थ और कोमल हो जाती है। झुर्रिया , दाग धब्बे व झाइयाँ ठीक होते है। आम की गुठली की गिरी और जामुन की गुठली की गिरी दोनों को समान मात्रा में लेकर पानी के साथ पीस कर लेप बना लें। रात को सोते समय इसे चेहरे पर लगा लें और सुबह धो लें। इससे दाग धब्बे झाइयाँ ठीक हो जाते है।

पेचिश व दस्त:-

आम की गुठली , बील गिरी और मिश्री समान मात्रा में पीस कर दो चम्मच दिन में तीन बार लेने से दस्त ठीक हो जाते है। आम की गुठली पीस कर छाछ में मिलाकर पीने से दस्त में रक्त आना बंद होता है।
आम के पत्ते सुखाकर पीस लें। इन्हे बारीक छलनी से छान लें। आधा चम्मच गर्म पानी से दिन में तीन बार ले। दस्त में आराम आएगा। आम के कोमल नए पत्ते बारीक पीस कर पानी में घोलकर पीने से खूनी पेचिश में भी लाभदायक है।

मजबूत दाँत:-

आम के हरे पत्ते सुखाकर जलाकर पीस लें। आम की गुठली बारीक पीस कर इसमें मिला दें। दोनों को मिलाकर बारीक छलनी से छान लें।
रोजाना इससे मंजन करने से दाँत सफेद और मजबूत होते है। दाँत में दर्द ठीक होता है। रोजाना आम के पत्ते कुछ देर चबा कर थूकने से दाँत हिलना बंद होता है और मसूड़ों से खून आना मिटता है।

बवासीर;-

आम के 10-12 कोमल पत्ते बारीक पीस कर एक ग्लास पानी में मिला लें इसमें मिश्री मिलाकर पीने से बवासीर में रक्त आना बंद हो जाता है।

नकसीर:-

आम के बौर ( फल आने से पहले आने वाला फूल ) को पीस कर सूंघने से नकसीर आनी बंद होती है। आम की गुठली की गिरी पीस कर सूंघने से नकसीर बंद हो जाती है।*

उल्टी:-

आम के दो पत्ते और पोदीने के 15-20 पत्ते बारीक पीस कर एक ग्लास पानी में मिलाकर छान लें। इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से उल्टी होनी बंद हो जाती है।

भांग का नशा:-

आम की गुठली को पीस कर पानी में घोलकर लेने से भांग का नशा उतर जाता है।

कीड़े का दंश :-

मकड़ी, ततैया, बरसाती कीड़ा, बिच्छू आदि काट ले तो आम की गुठली पानी के साथ घिस कर ये लेप लगाने से जलन और दर्द में आराम मिलता है। आम की अमचूर और लहसुन बराबर मात्रा में लेकर पीस कर लगाने से बिच्छू के काटने पर जहर का असर कम हो जाता है। दर्द में आराम आ जाता है।
आर.के.जैन,एडिटर इन चीफ

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