अर्थला झील पर बने मकानों पर फिर चला बुलडोजर,15 मकान किए ध्वस्त

गाजियाबाद/साहिबाबाद। अर्थला झील की जमीन को खाली कराने के लिए रविवार को नगर निगम और जिला प्रशासन ने कार्रवाई की। पुलिस की मदद से अधिकारियों ने 15 मकानों को खाली कराकर ध्वस्त किया। इस दौरान निगम और प्रशासन की टीम को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा।
एनजीटी ने अर्थला झील की जमीन पर बने अवैध मकानों को ध्वस्त करने के निर्देश दिए हैं। एनजीटी के आदेश पर नगर निगम और प्रशासन की टीम पक्के निर्माण को तोड़ने के लिए तीन बार कार्रवाई कर चुकी है। रविवार दोपहर नगर निगम और जिला प्रशासन की टीम अचानक कार्रवाई के लिए अर्थला पहुंची। टीम के पहुंचते ही यहां रह रहे लोगों में हड़कंप मच गया। मकानों को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का लोगों ने विरोध किया। महिलाओं ने निगम अधिकारियों को घेरकर काफी देर तक हंगामा किया। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने उन्हें हटाया। अधिकारियों ने लोगों को समझाते हुए कार्रवाई को जारी रखा। निगम की टीम ने करीब दो घंटे तक अभियान चलाकर 15 अवैध निर्माणों को ढहा दिया। इस दौरान अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार, प्रवर्तन दस्ता और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मोहन नगर जोन के प्रभारी एसके गौतम ने बताया कि चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा रही है। लोगों को इससे अवगत करा दिया गया है। एसीएम अली बिन जुबेर ने बताया कि रविवार को कार्रवाई में 15 अवैध निर्माण ढहाए गए, इसमें 12 मकान शामिल हैं और कुछ प्लाट पर की गई चाहरदीवारी को भी ढहा दिया गया। कार्रवाई से पहले मकानों को खाली करा लिया गया था।

तीन बार चल चुका अभियान
अर्थला में नगर निगम और प्रशासन की टीम तीन बार कार्रवाई कर चुकी है। टीम अभी तक 21 मकानों को तोड़ने की कार्रवाई कर चुकी है। विभाग के अधिकारियों की माने तो एनजीटी के आदेश पर 550 से अधिक मकानों को ध्वस्त किया जाना है। इनको खाली करने के लोगों को नोटिस दे दिए गए हैं।

10 जुलाई को एनजीटी में होनी है सुनवाई
अर्थला झील पर बने मकानों को ध्वस्त करने और झील को खाली कराने के मामले में अब 10 जुलाई को एनजीटी में सुनवाई होनी है। एनजीटी ने डीएम को खुद पेश होकर आदेशों के पालन की रिपोर्ट सौंपनी है। इसको लेकर नगर निगम और प्रशासन की तरफ से कार्रवाई तेजी से कर मकानों को तोड़ा जा रहा है। निगम अधिकारी कार्रवाई की रिपोर्ट तैयार करने में जुटे हैं।

लोगों से भरवाए गए डूडा के फार्म
निगम व जिला प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई के दौरान जिन मकानों में लोग रह रहे थे, उन्हें मकान उपलब्ध कराने लिए डूडा के फार्म भरवाए गए। इसके लिए डूडा के अधिकारियों को मौके पर बुला लिया गया था। अधिकारियों ने सभी को आश्वासन दिया है कि कार्रवाई में बेघर हुए लोगों को डूडा की आवासीय योजना में मकान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

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